उत्तराखंड

देहरादून में 6 सितंबर को सायरन परीक्षण: आपात स्थिति के लिए जागरूकता अभ्यास, घबराएं नहीं

देहरादून में 6 सितंबर को सायरन परीक्षण: आपात स्थिति के लिए जागरूकता अभ्यास, घबराएं नहीं

देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में आम जनमानस को आपात स्थिति के दौरान सतर्क करने और जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न थाना क्षेत्रों में 6 सितंबर 2025 को सायं 6:00 से 6:30 बजे तक सायरनों का परीक्षण किया जाएगा। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह एक तकनीकी जांच और जागरूकता अभ्यास का हिस्सा है, इसलिए सायरन बजने पर किसी भी प्रकार की अफवाह या घबराहट न फैलाएं। यह कदम आपदा प्रबंधन और जन सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया है, खासकर मौजूदा बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति को देखते हुए।

जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) के अनुसार, यह परीक्षण देहरादून के सभी प्रमुख थाना क्षेत्रों में एक साथ आयोजित होगा। इसमें पुलिस, अग्निशमन और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें शामिल होंगी। सायरन की आवाज सुनिश्चित करेगी कि आपातकालीन अलर्ट सिस्टम पूरी तरह कार्यशील है। देहरादून के जिला मजिस्ट्रेट सविन बंसल ने एक बयान में कहा, “यह अभ्यास नागरिकों को आपात स्थिति में सतर्क रहने और प्रशासन के साथ सहयोग करने के लिए तैयार करने का प्रयास है। सायरन सुनकर घबराने की जरूरत नहीं है, यह केवल तकनीकी जांच है।” उन्होंने जनता से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और इस अभ्यास में सहयोग करें।

यह कदम उत्तराखंड में हाल की प्राकृतिक आपदाओं, जैसे भारी बारिश और भूस्खलन, के मद्देनजर महत्वपूर्ण है। केंद्रीय जल आयोग की 5 सितंबर 2025 की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में गंगा, अलकनंदा और गौला जैसी नदियां खतरे के निशान के करीब हैं, और 520 सड़कें बंद हैं। चार धाम यात्रा भी 5 सितंबर तक स्थगित है। ऐसे में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने के लिए यह सायरन परीक्षण अहम है।

पुलिस अधीक्षक (शहर) प्रामोद राठौर ने बताया कि सभी थानों को सायरन सिस्टम की जांच करने और स्थानीय लोगों को पहले से सूचित करने के निर्देश दिए गए हैं। “हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आपात स्थिति में लोग सायरन की आवाज को समझें और तुरंत सुरक्षित स्थानों की ओर बढ़ें।” उन्होंने यह भी कहा कि यह अभ्यास भविष्य में भूकंप, बाढ़ या अन्य आपदाओं के लिए अलर्ट सिस्टम को मजबूत करेगा।

स्थानीय निवासियों और व्यापारियों से अनुरोध किया गया है कि वे इस परीक्षण के दौरान सामान्य गतिविधियां जारी रखें और अफवाहों से बचें। प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर 1070 और 112 पर किसी भी जानकारी के लिए संपर्क करने की सलाह दी है। यह अभ्यास उत्तराखंड में आपदा प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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