पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की तबीयत बिगड़ी, मोहाली के फोर्टिस हॉस्पिटल में भर्ती
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की तबीयत बिगड़ी, मोहाली के फोर्टिस हॉस्पिटल में भर्ती
चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें शुक्रवार, 5 सितंबर 2025 को मोहाली के फोर्टिस हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। सूत्रों के अनुसार, मान पिछले दो दिनों से वायरल बुखार और पेट की समस्या (पाचन संबंधी दिक्कत) से जूझ रहे थे और उनका इलाज उनके सरकारी आवास पर चल रहा था। शुक्रवार को उनकी स्थिति बिगड़ने पर डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती करने की सलाह दी, जिसके बाद उन्हें आइसोलेशन आईसीयू में शिफ्ट किया गया। उनकी पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर मान उनके साथ थीं।
फोर्टिस हॉस्पिटल के बयान के अनुसार, मान को थकान और कम हृदय गति की शिकायत के बाद भर्ती किया गया। उनकी स्थिति अब स्थिर है, और उनकी नब्ज में सुधार हुआ है। डॉक्टरों की एक टीम उनकी सेहत पर नजर रख रही है, और आगे के टेस्ट के बाद उनकी स्थिति पर निर्णय लिया जाएगा। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने इसे रूटीन चेकअप बताया, लेकिन सूत्रों का कहना है कि मान की सेहत में कोई सुधार न होने और ब्लड प्रेशर में उतार-चढ़ाव के कारण अस्पताल में भर्ती करना पड़ा।
बाढ़ राहत कार्यों में व्यस्तता से बिगड़ी सेहत: आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को बताया कि मान बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार दौरा करने के कारण थक गए थे। उन्होंने कई दिनों तक बिना पर्याप्त आराम और भोजन के काम किया, जिससे उनकी तबीयत बिगड़ी।
मान ने हाल ही में होशियारपुर, फिरोजपुर और टांडा के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया था और राहत कार्यों की निगरानी की थी। उनकी बीमारी के कारण शुक्रवार को चंडीगढ़ में होने वाली कैबिनेट बैठक रद्द कर दी गई, जिसमें बाढ़ की स्थिति पर चर्चा होनी थी।
सियासी प्रतिक्रियाएं: मान की तबीयत बिगड़ने की खबर ने पंजाब में सियासी हलचल मचा दी है। विपक्षी नेता और कांग्रेस के प्रताप सिंह बाजवा ने AAP पर निशाना साधते हुए कहा, “केजरीवाल ने पंजाब को एक अक्षम मुख्यमंत्री देकर बर्बादी की ओर धकेल दिया। उनकी सेहत पर पारदर्शिता जरूरी है।” उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलवीर सिंह से नियमित स्वास्थ्य बुलेटिन जारी करने की मांग की। AAP प्रवक्ता नील गर्ग ने कहा कि मान की स्थिति स्थिर है और वह जल्द स्वस्थ होंगे।
पंजाब में बाढ़ की स्थिति: पंजाब 1988 के बाद की सबसे भयावह बाढ़ से जूझ रहा है, जिसमें 23 जिलों के 1,400 गांव प्रभावित हैं और 30 लोगों की मौत हो चुकी है। मान ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत कार्यों के लिए हर गांव में एक गजटेड अधिकारी तैनात करने का निर्देश दिया था। उनकी अनुपस्थिति में राहत कार्यों पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। जनता और प्रशासन उनकी जल्द रिकवरी की कामना कर रहा है।
