उत्तराखंड: रेत मिश्रित नमक की शिकायत पर विभाग ने जांच पूरी की, गुणवत्ता शुद्ध पाई गई
उत्तराखंड: रेत मिश्रित नमक की शिकायत पर विभाग ने जांच पूरी की, गुणवत्ता शुद्ध पाई गई
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा रेत मिश्रित नमक की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तत्काल नमूना लेकर जांच के निर्देश देने के क्रम में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने “मुख्यमंत्री नमक पोषण योजना” के तहत वितरित आयोडाइज्ड नमक की गुणवत्ता की पुष्टि की है। आयुक्त चंद्रेश कुमार ने स्पष्ट किया कि यह योजना जून 2024 से प्रचलित है, जिसमें राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के राशनकार्ड धारकों को प्रति माह 1 किलोग्राम आयोडाइज्ड नमक 8 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से वितरित किया जा रहा है। वितरण का कार्य भारत सरकार द्वारा नामित संस्था भारतीय राष्ट्रीय उपभोक्ता सहकारी संघ मर्यादित (NCCF) द्वारा किया जा रहा है।
आयुक्त ने बताया कि नमक की पूर्ण गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विभाग ने NCCF से गुणवत्ता परीक्षण रिपोर्ट उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था। NCCF ने रक्षा खाद्य एवं अनुसंधान प्रयोगशाला, मैसूर (खाद्य गुणवत्ता और सुरक्षा विश्लेषण में विशेषज्ञता वाली प्रमुख प्रयोगशाला) से प्राप्त रिपोर्ट साझा की, जिसमें नमक की गुणवत्ता की पुष्टि हुई। इसके अलावा, NABl मान्यता प्राप्त और FSSAI अनुमोदित प्रयोगशाला ITC लैब्स से भी परीक्षण रिपोर्ट प्राप्त हुई, जो FSSAI मानदंडों के अनुरूप पाई गई। विभाग द्वारा भेजे गए नमूनों का परीक्षण राज्य खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला रुद्रपुर में किया गया, और 19 अगस्त 2025 के परिणामों से वितरित नमक की अच्छी गुणवत्ता की पुष्टि हुई। सभी परीक्षण पुनः साबित करते हैं कि आपूर्ति किया जा रहा रिफाइंड आयोडीन युक्त नमक शुद्ध और FSSAI मानकों का पूरी तरह अनुपालन करता है।
चंद्रेश कुमार ने कहा कि आयोडाइज्ड नमक की उपलब्धता और वितरण में पूर्ण पारदर्शिता व गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विभाग ने निर्माता के कारखाने का दौरा करने का निर्णय लिया है, जो मानसून के बाद जल्द किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, नियमित अंतराल पर नमूनों की प्रयोगशाला जांच कराई जाएगी। वर्तमान में पूर्ण गुणवत्ता का आयोडाइज्ड नमक वितरित किया जा रहा है।
यह योजना गरीब परिवारों को पोषण प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई है, और शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई से विभाग की प्रतिबद्धता झलकती है। आयुक्त ने जनता से गुणवत्ता संबंधी शिकायतों के लिए हेल्पलाइन पर संपर्क करने की अपील की। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी योजनाओं से आयोडीन की कमी जैसी स्वास्थ्य समस्याओं पर नियंत्रण पड़ेगा। विभाग ने सभी जिलों में जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
