राजनीति

‘किसी की मां को गाली नहीं दी जानी चाहिए, लेकिन…’, PM मोदी के बयान पर तेजस्वी ने साधा निशाना

‘किसी की मां को गाली नहीं दी जानी चाहिए, लेकिन…’, PM मोदी के बयान पर तेजस्वी ने साधा निशाना

पटना, 3 सितंबर 2025: बिहार की राजनीति में ‘मां’ को लेकर छिड़ी जुबानी जंग ने नया मोड़ ले लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भावुक बयान पर राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा, “किसी की भी मां को अपशब्द नहीं बोलना चाहिए। हम इसके पक्षधर नहीं हैं, ये हमारे संस्कार में नहीं है।” लेकिन इसके साथ ही उन्होंने पीएम मोदी और बीजेपी पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कई पुराने उदाहरण दिए। यह बयान बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से ठीक पहले आया है, जब ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान दरभंगा में पीएम मोदी की दिवंगत मां हीराबेन के खिलाफ अपशब्दों की घटना ने हंगामा मचा रखा है।

पीएम मोदी ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बिहार जीविका निधि क्रेडिट को-ऑपरेटिव के उद्घाटन के दौरान इस मुद्दे पर भावुक होकर कहा, “मां हमारा संसार है, स्वाभिमान है। मेरी मां को भद्दी-भद्दी गालियां दी गईं। ये सिर्फ मेरी मां का अपमान नहीं, बल्कि देश की हर मां, बहन और बेटी का अपमान है।” उन्होंने कांग्रेस-आरजेडी के मंच से हुई इस घटना को बिहार की संस्कृति पर कलंक बताते हुए कहा कि ‘मोदी तो माफ कर देगा, लेकिन छठी मैया माफ नहीं करेंगी।’ मोदी का 29 मिनट का भाषण वायरल हो गया, जिसमें उनकी आंखें नम नजर आईं। बीजेपी ने इस पर 4 सितंबर को बिहार बंद का ऐलान किया है, जबकि आरोपी मोहम्मद रिजवी उर्फ राजा को गिरफ्तार कर लिया गया है। पटना कोर्ट में राहुल गांधी, तेजस्वी यादव और मुकेश सहनी के खिलाफ भी परिवाद दायर हो चुका है।

तेजस्वी ने पटना में पत्रकारों से बातचीत में कहा, “मां तो मां होती है, चाहे किसी की भी। बेजुबान की भी मां होती है।” लेकिन उन्होंने सवाल उठाया, “50 करोड़ की गर्लफ्रेंड बोलने वाले मोदी जी कहां थे? सोनिया गांधी जी को भद्दी-भद्दी गालियां दी गईं, नीतीश कुमार के डीएनए पर सवाल उठाए गए।” उन्होंने विधानसभा में बीजेपी विधायकों द्वारा उन्हें मां-बहन की गालियां दिए जाने, कर्नाटक के बलात्कार आरोपी प्रज्वल रेवन्ना के प्रचार में मोदी के जाने और आरजेडी प्रवक्ता सारिका पासवान पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले व्यक्ति को बीजेपी में शामिल करने का जिक्र किया। तेजस्वी ने तंज कसते हुए कहा, “प्रधानमंत्री विदेश में ठहाके लगा रहे थे, भारत लौटे तो रोने लगे। दिखावटी और मिलावटी राजनीति से काम नहीं चलेगा। बिहार की जनता सब जानती है।”

यह विवाद ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान 27 अगस्त को दरभंगा के सिंहवाड़ा में हुआ, जहां राहुल गांधी और तेजस्वी के मंच पर अपशब्द कहे गए। हालांकि, उस समय दोनों नेता मंच पर नहीं थे। बीजेपी ने इसे महागठबंधन की हताशा बताया, जबकि आरजेडी ने इसे राजनीतिक ड्रामा करार दिया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुद्दा बिहार चुनावों में महिलाओं और भावनाओं को केंद्र में ला सकता है। तेजस्वी का ट्वीट भी वायरल हो गया, जिसमें उन्होंने लिखा, “प्रधानमंत्री मोदी जी… किसी को भी किसी की मां-बहन-बेटी के प्रति अपशब्द नहीं बोलना चाहिए।” अब सवाल यह है कि क्या यह जंग चुनावी नैरेटिव बदल देगी? बिहार बंद के दौरान और हलचल देखने को मिलेगी।

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