बाराबंकी लाठीचार्ज के विरोध में भड़का ABVP, लखनऊ में किया प्रदर्शन, विधानसभा के बाहर धरना
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में छात्रों पर हुई लाठीचार्ज की घटना के खिलाफ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। मंगलवार को लखनऊ में ABVP कार्यकर्ताओं ने विधानसभा के बाहर धरना दिया और सड़कों पर उतरकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि स्थानीय प्रशासन ने बेरहमी से छात्रों पर लाठी चलाई, जिससे कई छात्र घायल हो गए। ABVP के प्रदेश महासचिव ने कहा कि यह घटना लोकतंत्र के खिलाफ है और सरकार छात्र आंदोलनों को दबाने की कोशिश कर रही है। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने भारी सुरक्षा व्यवस्था की थी, लेकिन किसी तरह की हिंसा की खबर नहीं आई।
बाराबंकी में यह विवाद बीते सोमवार को शुरू हुआ, जब स्थानीय कॉलेज के छात्रों ने फीस वृद्धि और खराब सुविधाओं के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों का कहना था कि कॉलेज प्रशासन ने बिना नोटिस के फीस बढ़ा दी, जो गरीब छात्रों के लिए बोझ है। प्रदर्शन के दौरान पुलिस पहुंची और बातचीत के बजाय लाठीचार्ज कर दिया। चश्मदीदों के अनुसार, कम से कम 10-12 छात्रों को चोटें आईं, जिनमें कुछ को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। ABVP ने इसे राज्य सरकार की नाकामी बताया और मांग की कि दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई हो। संगठन ने कहा कि अगर मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन और तेज होगा।
लखनऊ में प्रदर्शन सुबह 11 बजे शुरू हुआ। ABVP के सैकड़ों कार्यकर्ता विधानसभा मार्ग पर इकट्ठा हुए और ‘शिक्षा का अधिकार, लाठीचार्ज का विरोध’ जैसे नारे लगाए। वे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने की मांग कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक लिया। धरना दोपहर तक चला, जिसमें छात्र नेता ने कहा कि बाराबंकी की घटना पूरे प्रदेश में फैल सकती है। ABVP ने एक ज्ञापन भी तैयार किया, जो डीएम लखनऊ को सौंपा जाएगा। इस घटना ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। विपक्षी दल जैसे समाजवादी पार्टी ने सरकार की आलोचना की और कहा कि छात्रों का दमन बंद होना चाहिए।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि लाठीचार्ज आखिरी विकल्प था, क्योंकि प्रदर्शन हिंसक हो रहा था। लेकिन ABVP इसे झूठा बताते हुए वीडियो सबूत पेश करने का दावा किया। विशेषज्ञों का कहना है कि शिक्षा नीतियों में सुधार की जरूरत है ताकि ऐसी घटनाएं न हों। कुल मिलाकर, यह प्रदर्शन छात्र अधिकारों की लड़ाई को नई ताकत दे रहा है। सरकार को अब शांतिपूर्ण समाधान निकालना होगा।
