भारत ने अब टैरिफ घटाने की पेशकश की, उसे सालों पहले ऐसा कर देना था, डोनाल्ड ट्रंप का भारत पर तीखा हमला
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर एकतरफा व्यापार, रूस से तेल और सैन्य सामग्री खरीद के आरोप लगाते हुए एक बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने सोमवार को कहा कि अमेरिकी कंपनियां भारत में अपना सामान बेचने में असमर्थ हैं. उन्होंने कहा कि भारत रूस से भारी मात्रा में तेल और सैन्य उपकरण खरीदता है, जबकि अमेरिका से बहुत कम.
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को एकतरफा बताया. उन्होंने कहा, “कुछ लोग यह समझते हैं कि हम भारत के साथ बहुत कम व्यापार करते हैं, लेकिन वे हमारे साथ बहुत अधिक व्यापार करते हैं. इसका कारण यह है कि भारत ने अब तक हमसे इतने ज्यादा टैरिफ वसूले हैं. हमारी कंपनियां भारत में सामान नहीं बेच पा रहे हैं. यह पूरी तरह से एकतरफा त्रासदी रही है.”
ट्रंप ने दावा किया, “उन्होंने (भारत ने) अब अपने टैरिफ को पूरी तरह से कम करने की पेशकश की है, लेकिन अब देर हो रही है. उन्हें ऐसा सालों पहले कर देना चाहिए था.” अमेरिकी राष्ट्रपति का बयान ऐसे समय में आया है जब पीएम मोदी चीन का दौरा खत्म कर भारत के लिए रवाना हो चुके हैं. एससीओ बैठक में पीएम मोदी ने ट्रंप को साफ संदेश दिया कि भारत के पास ट्रेड के लिए कई विकल्प खुले हुए हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्र्ंप की एकतरफा नीति को चुनौती देने के लिए भारत, रूस और चीन एक मंच पर आ गए हैं. ये तीनों देश एक-दूसरे के साथ मिलकर अपनी दोस्ती और आपसी सहयोग को मजबूत कर रहे हैं. ट्रंप के टैरिफ के बाद दुनिया की राजनीति तेजी से बदली है, जिसका सबूत एससीओ शिखर सम्मेलन में दिखा.
अमेरिका भारत के डेयरी और कृषि क्षेत्र में एंट्री चाहता है, लेकिन पीएम मोदी ने दो टूक कहा है कि किसानों के हितों के खिलाफ जाकर भारत किसी तरह का समझौता करने वाला नहीं है. उन्होंने कहा, “आज भारत मेरे देश के मछुआरों, पशु पालकों के लिए तैयार है.”
