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ट्रंप ने दिल्ली दौरा रद्द किया! क्वाड समिट में हिस्सा न लेने का फैसला, भारत-अमेरिका रिश्तों में आई दरार

ट्रंप ने दिल्ली दौरा रद्द किया! क्वाड समिट में हिस्सा न लेने का फैसला, भारत-अमेरिका रिश्तों में आई दरार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के दिल्ली में होने वाले क्वाड समिट 2025 के लिए अपनी यात्रा रद्द कर दी है। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पहले आश्वासन दिया था कि वे नवंबर में दिल्ली आएंगे, लेकिन अब उनके पास ऐसा कोई प्लान नहीं बचा। यह फैसला दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाता है, जो व्यापार, तेल आयात और भारत-पाकिस्तान संघर्ष पर मध्यस्थता के दावों से उपजा है। क्वाड समिट, जिसमें अमेरिका, भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया के नेता हिस्सा लेते हैं, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा पर फोकस करता है। ट्रंप का न आना इस गठबंधन को कमजोर कर सकता है।

रिपोर्ट बताती है कि ट्रंप-मोदी के रिश्ते तेजी से बिगड़ गए हैं। मई 2025 में भारत-पाकिस्तान के बीच चार दिनों के सैन्य संघर्ष के बाद ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने व्यापार दबाव से युद्ध रोका और पाकिस्तान उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित करने वाला है। जून 2025 में जी7 समिट के दौरान फोन कॉल में ट्रंप ने मोदी से कहा कि भारत को भी ऐसा करना चाहिए। लेकिन मोदी ने साफ इनकार कर दिया कि यह द्विपक्षीय समझौता था, अमेरिकी मध्यस्थता का कोई रोल नहीं। इस बात ने ट्रंप को नाराज कर दिया, जो नोबेल पुरस्कार की चाहत में हैं।

व्यापार तनाव भी बड़ा कारण है। अमेरिका ने हाल ही में भारतीय निर्यात पर 50% टैरिफ लगाए, जिसमें आधा हिस्सा रूस से तेल खरीदने की सजा के रूप में। भारत रूस-यूक्रेन युद्ध में तटस्थ रहकर ऊर्जा जरूरतें पूरी कर रहा है, जो अमेरिका को पसंद नहीं। इससे $48 अरब से ज्यादा के भारतीय सामान प्रभावित हुए, जैसे टेक्सटाइल और लेदर। ट्रंप प्रशासन ने कृषि और डेयरी बाजार खोलने की मांग भी की, लेकिन भारत ने इनकार कर दिया। जनवरी 2025 में ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक अमेरिका में हुई थी, लेकिन अब नेताओं की बैठक पर सवाल उठ रहे हैं।

यह रद्दीकरण भारत-अमेरिका संबंधों के लिए झटका है। पहले दोनों नेता करीबी दोस्त थे, लेकिन अब दिल्ली बीजिंग और मॉस्को की ओर झुक रही है। सोशल मीडिया पर भारतीय यूजर्स ट्रंप को “पीठ में छुरा घोंपने वाला” कह रहे हैं। क्वाड को चीन के खिलाफ बनाया गया है, लेकिन ट्रंप का न आना चीन के शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (SCO) को मजबूती दे सकता है, जहां मोदी हाल ही में शरीक हुए। व्हाइट हाउस और भारतीय विदेश मंत्रालय ने अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यह रिश्तों में गहरी दरार दिखाता है। उम्मीद है कि दोनों पक्ष बातचीत से इसे सुधारेंगे, वरना इंडो-पैसिफिक की रणनीति प्रभावित होगी।

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