बाढ़-बारिश से बड़ा नुकसान, हर पीड़ित का दर्द हम सबका दर्द: ‘मन की बात’ में PM मोदी ने की अपील, देश एकजुट होकर सामना करें
बाढ़-बारिश से बड़ा नुकसान, हर पीड़ित का दर्द हम सबका दर्द: ‘मन की बात’ में PM मोदी ने की अपील, देश एकजुट होकर सामना करें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 125वें एपिसोड में देशवासियों से बाढ़ और भारी बारिश से हुए भारी नुकसान पर गहन चर्चा की। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में कई राज्यों में बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और अन्य जगहों पर भारी बारिश से सैकड़ों लोग बेघर हो गए, फसलें बर्बाद हुईं और जानमाल का भारी नुकसान हुआ। पीएम ने कहा, “बाढ़-बारिश से बड़ा नुकसान हुआ है, हर पीड़ित का दर्द हम सबका दर्द है।” उन्होंने देश को एकजुट होकर इस संकट से निपटने की अपील की और केंद्र सरकार की ओर से हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
इस एपिसोड में पीएम मोदी ने विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर के हालात पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने बताया कि भारी बारिश और बाढ़ के बावजूद राज्य ने दो महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। पुलवामा में पहली बार डे-नाइट क्रिकेट मैच खेला गया, जहां रिकॉर्ड संख्या में दर्शक जमा हुए। यह मैच ‘रॉयल प्रीमियर लीग’ का हिस्सा था, जिसमें जम्मू-कश्मीर के विभिन्न टीमों ने भाग लिया। पीएम ने कहा, “यह पहले असंभव लगता था, लेकिन अब मेरा देश बदल रहा है। बाढ़ के बीच भी खेलों ने लोगों का मनोरंजन किया।” इसके अलावा, डल झील पर खेलो इंडिया वॉटर स्पोर्ट्स फेस्टिवल का आयोजन हुआ, जो राज्य की प्रगति का प्रतीक है।
पीएम ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों की सराहना की। उन्होंने बताया कि एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन दिन-रात लगे हुए हैं। जम्मू-कश्मीर में वैष्णो देवी मार्ग पर भूस्खलन से 34 लोगों की मौत हुई, जबकि छत्तीसगढ़ के बस्तर में 8 जिले प्रभावित हैं। राजस्थान में फसलें डूब गईं, और हिमाचल में बादल फटने से 5 लोगों की जान गई। पीएम ने कहा कि ये प्राकृतिक आपदाएं देश को परख रही हैं, लेकिन सामूहिक प्रयासों से हम इन्हें हरा सकते हैं। उन्होंने जल संरक्षण पर जोर दिया और लोगों से साफ-सफाई का ध्यान रखने को कहा, ताकि बीमारियां न फैलें।
‘मन की बात’ में पीएम ने अन्य मुद्दों पर भी बात की। उन्होंने अगस्त क्रांति की याद दिलाई, जो आजादी की लड़ाई का महत्वपूर्ण हिस्सा थी। महाराष्ट्र के 12 किलो को यूनेस्को की धरोहर घोषित करने पर बधाई दी। स्पेस सेक्टर में शुभांशु शुक्ला की सफल वापसी और चंद्रयान-3 की सफलता पर गर्व जताया। टेक्सटाइल स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने और खेलो इंडिया नीति 2025 पर चर्चा की, जिसका लक्ष्य भारत को स्पोर्टिंग सुपरपावर बनाना है। वर्ल्ड पुलिस और फायर गेम्स में भारत के 600 मेडल जीतने पर खुशी जाहिर की।
पीएम ने श्रोताओं से सुझाव मांगे और कहा कि आपदाओं के बीच भी सकारात्मकता बनाए रखें। यह कार्यक्रम आकाशवाणी, दूरदर्शन और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हुआ। बाढ़ प्रभावित राज्यों में लाखों लोग विस्थापित हैं, लेकिन केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर राहत पहुंचा रही हैं। पीएम की यह अपील देश को एक सूत्र में बांधने वाली है, जो बताती है कि संकट में एकता ही सबसे बड़ा हथियार है। उम्मीद है कि जल्द ही हालात सुधरेंगे और पीड़ितों को न्याय मिलेगा।
