राहुल-अखिलेश की मौजूदगी में तेजस्वी ने खुद को बताया बिहार का चेहरा, कहा “डुप्लीकेट नहीं, ओरिजिनल CM चाहिए”
बिहार विधानसभा चुनावों से पहले विपक्षी गठबंधन में हलचल तेज हो गई है। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने एक रैली में खुद को ‘ओरिजिनल मुख्यमंत्री का चेहरा’ बताते हुए कहा, “डुप्लीकेट नहीं, ओरिजिनल CM चाहिए।” यह बयान कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव की मौजूदगी में आया, जो इंडिया गठबंधन की एकता का संकेत देता है। रैली पटना के गांधी मैदान में आयोजित हुई, जहां हजारों समर्थक जुटे थे। तेजस्वी ने नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार को एक मजबूत और युवा नेता की जरूरत है, न कि बार-बार बदलने वाले ‘डुप्लीकेट’ चेहरों की।
तेजस्वी का यह बयान बिहार चुनाव 2025 से ठीक पहले आया है, जहां आरजेडी, कांग्रेस और अन्य दल मिलकर बीजेपी-नीतीश गठबंधन को चुनौती देना चाहते हैं। राहुल गांधी ने रैली में कहा, “तेजस्वी जैसे युवा नेता ही बिहार का भविष्य हैं। हम गठबंधन की एकजुटता से सत्ता में आएंगे।” अखिलेश यादव ने भी समर्थन देते हुए कहा, “यूपी-बिहार का भाईचारा मजबूत होगा, और तेजस्वी जैसा चेहरा पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा बनेगा।” तेजस्वी ने अपनी पिछली डिप्टी सीएम वाली भूमिका का जिक्र करते हुए कहा कि वे नौकरी, शिक्षा और विकास के एजेंडे पर काम करेंगे। उन्होंने बीजेपी पर ‘जुमलों’ का आरोप लगाया और कहा कि बिहार के युवाओं को असली रोजगार चाहिए।
तेजस्वी का यह दावा गठबंधन में सीएम पद की दौड़ को स्पष्ट कर रहा है, लेकिन कांग्रेस और अन्य दलों से सहमति की जरूरत है। नीतीश कुमार ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “बिहार को अनुभवी नेतृत्व चाहिए, न कि युवाओं के सपनों का शिकार।” चुनाव आयोग ने सभी दलों को चुनावी बयानों पर संयम बरतने की सलाह दी है। गठबंधन की यह रैली 2025 चुनावों की दिशा तय कर सकती है, जहां बिहार की 243 सीटों पर कांटे की टक्कर की उम्मीद है।
