“मर्यादा न लांघें… राजनीति में भी कुछ सीमाएं होती है, पीएम मोदी पर आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर ओवैसी की कांग्रेस को नसीहत
नई दिल्ली: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कांग्रेस को कड़ा संदेश दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी स्वर्गीय मां के खिलाफ बिहार में की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी पर ओवैसी ने कहा, “मर्यादा न लांघें… राजनीति में भी कुछ सीमाएं होती हैं।” यह बयान बिहार के दरभंगा में राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान हुए विवाद पर आया है, जहां एक व्यक्ति ने पीएम मोदी की मां के खिलाफ अभद्र शब्दों का इस्तेमाल किया था। ओवैसी ने कांग्रेस को चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसी भाषा से विपक्ष की छवि खराब होती है, और यह मुस्लिम समुदाय के हितों को भी नुकसान पहुंचा सकती है।
ओवैसी ने गुरुवार को हैदराबाद में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह टिप्पणी की। उन्होंने कहा, “कांग्रेस अगर सत्ता की भूख में मर्यादा लांघ रही है, तो यह गलत है। मोदी जी की मां का अपमान किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं। विपक्ष को अपनी राजनीति को साफ-सुथरा रखना चाहिए।” ओवैसी का यह बयान बिहार विधानसभा चुनावों से पहले सियासी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है, जहां AIMIM अपनी मौजूदगी मजबूत करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि पहले भी कांग्रेस ने मोदी पर अपशब्दों का इस्तेमाल किया है, लेकिन अब जनता इसका जवाब देगी। ओवैसी ने भाजपा पर भी निशाना साधा, “भाजपा इस मुद्दे को भुनाने की कोशिश कर रही है, लेकिन असली समस्या विपक्ष की एकजुटता की कमी है।”
यह विवाद 28 अगस्त को दरभंगा के सिमरी थाना क्षेत्र में शुरू हुआ, जहां राहुल गांधी और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव की संयुक्त रैली के मंच पर एक व्यक्ति ने पीएम मोदी की मां के खिलाफ आपत्तिजनक शब्द कहे। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने आरोपी रफीक उर्फ राजा को गिरफ्तार कर लिया। कांग्रेस ने इसे ‘भाजपा की साजिश’ बताया, जबकि भाजपा ने राहुल गांधी से माफी की मांग की। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “जितनी गालियां दोगे, कमल उतना ही खिलेगा।” इस घटना के बाद पटना में भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस दफ्तर पर हंगामा किया, जिसमें झड़प हुई।
ओवैसी का बयान विपक्षी एकता को लेकर भी महत्वपूर्ण है। AIMIM, जो बिहार में सीमांचल क्षेत्र में मजबूत है, ने पहले कांग्रेस के साथ गठबंधन की संभावना जताई थी, लेकिन यह टिप्पणी उसकी राह में बाधा बन सकती है। सपा और बसपा ने चुप्पी साधी है, जबकि एनसीपी (शरद पवार गुट) ने कांग्रेस से स्पष्टीकरण मांगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ओवैसी की नसीहत कांग्रेस को मुस्लिम वोट बैंक खोने का डर पैदा कर सकती है। ओवैसी ने अपील की कि सभी दल शांति बनाए रखें और चुनावी राजनीति को सांप्रदायिक न बनाएं। यह विवाद बिहार की सियासत को नया रंग दे रहा है, जहां ‘मर्यादा’ शब्द अब बहस का केंद्र बन गया है। आने वाले दिनों में कांग्रेस की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी।
