संभल हिंसा पर सीएम योगी का कड़ा बयान, कहा- डेमोग्राफी बदलने की कोशिश करने वालों को खुद होगा पलायन
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संभल हिंसा मामले की जांच रिपोर्ट पर कड़ी चेतावनी जारी की है। प्रतापगढ़ में एक जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा, “अब जो डेमोग्राफी बदलने की कोशिश करेगा, उसे खुद प्रदेश या जिले से पलायन करना पड़ेगा।” यह बयान 450 पेज की रिपोर्ट के बाद आया है, जिसमें संभल में हिंदू आबादी के 1947 के 45% से घटकर अब 15-20% रह जाने का खुलासा हुआ है। योगी ने समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि उनकी सरकारों में जानबूझकर दंगे कराकर हिंदुओं को निशाना बनाया जाता था, जिससे इलाके ‘हिंदू विहीन’ हो जाते थे। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब ‘डबल इंजन’ सरकार में ऐसा कभी नहीं होने दिया जाएगा।
रिपोर्ट तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग ने तैयार की है, जिसकी अध्यक्षता रिटायर्ड हाईकोर्ट जज देवेंद्र कुमार अरोड़ा ने की, जबकि पूर्व डीजीपी एके जैन और पूर्व आईएएस अमित मोहन प्रसाद सदस्य थे। 28 अगस्त 2025 को सीएम को सौंपी गई इस रिपोर्ट में न केवल 24 नवंबर 2024 की हिंसा का विवरण है, बल्कि स्वतंत्रता के बाद संभल में हुए 15 दंगों (1947, 1948, 1953 आदि वर्षों में) का इतिहास भी दर्ज है। रिपोर्ट के अनुसार, शाही जमिया मस्जिद सर्वे के दौरान हुई हिंसा में चार लोगों की मौत हुई और कई घायल हुए। यह हिंसा सपा सांसद जिया उर रहमान बर्क के भड़काऊ भाषण से शुरू हुई, जिसमें उन्होंने तुर्कों को ‘शासक’ और अन्य को ‘गुलाम’ बताया। रिपोर्ट में दंगों को पूर्वनियोजित बताते हुए कहा गया कि बाहरी उपद्रवी बुलाए गए थे, और हिंदू मोहल्लों में पुलिस की सतर्कता से बड़ी घटना टल गई।
रिपोर्ट ने जनसांख्यिकीय बदलाव को दंगों, तुष्टिकरण की राजनीति और हिंदू पलायन से जोड़ा है। स्वतंत्रता के समय संभल नगर पालिका क्षेत्र में मुस्लिम आबादी 55% थी, जो अब 85% हो गई है। रिपोर्ट में संभल को अल-कायदा और हरकत-उल-मुजाहिदीन जैसे आतंकी संगठनों का केंद्र बताया गया है, जहां यूके, यूएस और जर्मनी निर्मित हथियार बरामद हुए। इसके अलावा, हरिहर मंदिर के अवशेष मिलने का भी जिक्र है, जो अयोध्या विवाद जैसी स्थिति पैदा कर सकता है। सीएम योगी ने कहा, “हम तुष्टिकरण नहीं, संतुष्टिकरण के माध्यम से सशक्तिकरण कर रहे हैं। माफिया मुक्त प्रदेश में बेटी-बहनों की सुरक्षा प्राथमिकता है।”
भाजपा ने रिपोर्ट को ‘कड़वी सच्चाई’ बताते हुए कहा कि यह ‘घजवा-ए-हिंद’ की साजिश का प्रमाण है। राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय अलोक ने कहा, “संभल जैसे 200 जिलों में हिंदू पलायन हो रहा है। सरकार नीति बनाएगी।” विपक्ष ने रिपोर्ट को सांप्रदायिक विभाजन की साजिश करार दिया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा, “यह गोपनीय रिपोर्ट का दुरुपयोग है, समाज को बांटने का हथकंडा।” सपा ने दावा किया कि पलायन रोजगार के कारण है, न कि दंगों का। रिपोर्ट कैबिनेट में रखी जाएगी और विधानसभा में पेश होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान यूपी की सियासत को नया मोड़ देगा, जहां कानून-व्यवस्था और डेमोग्राफी मुद्दे प्रमुख होंगे। सीएम ने अपील की कि सभी नागरिक शांति बनाए रखें, और सरकार बिना भेदभाव के विकास सुनिश्चित करेगी।
