उत्तरकाशी में सयानाचट्टी आपदा: CM धामी के कड़े निर्देश, युद्धस्तर पर राहत कार्य शुरू
उत्तरकाशी में सयानाचट्टी आपदा: CM धामी के कड़े निर्देश, युद्धस्तर पर राहत कार्य शुरू
उत्तरकाशी, 22 अगस्त 2025: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के सयानाचट्टी में भारी बारिश और भूस्खलन से यमुना नदी का प्रवाह रुकने के कारण बनी कृत्रिम झील ने हालात को गंभीर बना दिया है। इस आपदा पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कड़ा रुख अपनाते हुए सचिव आपदा प्रबंधन व पुनर्वास विनोद कुमार सुमन को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। CM धामी स्वयं स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और प्रभावित लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है।
मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन, SDRF, NDRF और सिंचाई विभाग को युद्धस्तर पर नदी के चैनलाइजेशन और जल निकासी का कार्य करने का आदेश दिया है। उन्होंने सयानाचट्टी के निवासियों को आश्वस्त किया कि शासन-प्रशासन पूरी तत्परता से कार्य कर रहा है और जल्द ही हालात सामान्य होंगे। CM ने निर्देश दिए कि प्रभावित लोगों के लिए भोजन, गैस, दवाइयां, पेट्रोल-डीजल और अन्य आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही, सुरक्षित स्थानों पर ठहराए गए लोगों की हरसंभव मदद की जाए।
सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने बताया कि झील से एक हिस्से में जल निकासी शुरू हो गई है, लेकिन दलदली स्थिति के कारण चैनलाइजेशन में मुश्किलें आ रही हैं। राहत दल वैकल्पिक उपायों पर काम कर रहे हैं। उन्होंने स्थानीय लोगों से धैर्य बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की। यमुनोत्री विधायक संजय डोभाल, जिलाधिकारी प्रशांत आर्य, एसडीएम और अन्य अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। ड्रोन के जरिए पूरे क्षेत्र की निगरानी की जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग ने सयानाचट्टी में 5 चिकित्सक, 10 पेरामेडिकल स्टाफ और 4 एम्बुलेंस तैनात की हैं। विद्युत विभाग ने 2 कर्मियों के साथ 5 अतिरिक्त स्ट्रीट लाइट्स लगाई हैं। राहत सामग्री के तौर पर 300 खाद्यान्न किट भेजी जा रही हैं। सिंचाई विभाग ने पुरोला से 3 पोकलेन मशीनें, NH बड़कोट से 2 पोकलेन, 4 JCB और 1 कम्प्रेशर तैनात किया है। वन विभाग ने 2 कैम्पर वाहन भी उपलब्ध कराए हैं।
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बताया कि 150 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। यमुनोत्री राजमार्ग बंद है, और मौसम विभाग ने भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने ओजरी और गंगनानी जैसे आसपास के गांवों में भी सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
