श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे गिरफ्तार: 1.7 करोड़ रुपये के गबन का आरोप
श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे गिरफ्तार: 1.7 करोड़ रुपये के गबन का आरोप
कोलंबो: श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे को 22 अगस्त 2025 को कोलंबो में भ्रष्टाचार रोधी अधिकारियों ने गिरफ्तार कर लिया। उन पर 1.7 करोड़ श्रीलंकाई रुपये (लगभग 5.6 लाख अमेरिकी डॉलर) के गबन का आरोप है। यह गिरफ्तारी राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके की अगुवाई वाली नई सरकार के भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई के वादे के तहत हुई है, जो सितंबर 2024 में सत्ता में आई थी। विक्रमसिंघे को कोलंबो मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया, जहां उन्हें 4 सितंबर तक हिरासत में भेज दिया गया।
भ्रष्टाचार निरोधक आयोग (CIABOC) के अनुसार, विक्रमसिंघे पर 2022-2024 के दौरान अपने कार्यकाल में सरकारी धन का दुरुपयोग करने का आरोप है। यह गबन कोलंबो में एक सरकारी संपत्ति के पुनर्विकास से जुड़ा है, जिसमें कथित तौर पर अनुचित तरीके से ठेकेदारों को भुगतान किया गया। CIABOC ने दावा किया कि विक्रमसिंघे ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर एक निजी कंपनी को अनुबंध दिलवाया, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचा। इस मामले में उनके साथ दो अन्य पूर्व अधिकारियों को भी हिरासत में लिया गया है।
विक्रमसिंघे, जो जुलाई 2022 से सितंबर 2024 तक श्रीलंका के राष्ट्रपति रहे, ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे “राजनीतिक प्रतिशोध” करार दिया है। उनके वकील ने कहा, “यह एक सुनियोजित साजिश है, जिसका उद्देश्य उनकी छवि को धूमिल करना है। हम कोर्ट में इन आरोपों का जवाब देंगे।” दूसरी ओर, नई सरकार ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई किसी भी तरह की राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित नहीं है, बल्कि यह भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा है।
यह गिरफ्तारी श्रीलंका में भ्रष्टाचार के खिलाफ बढ़ते अभियान का हिस्सा है, जो 2022 की आर्थिक मंदी और जनाक्रोश के बाद तेज हुआ। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम भ्रष्टाचार के खिलाफ जनता के गुस्से को शांत करने का प्रयास हो सकता है, लेकिन यह राजनीतिक अस्थिरता को भी बढ़ा सकता है। विक्रमसिंघे के समर्थकों ने कोलंबो में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं, जिससे तनाव बढ़ गया है। इस मामले की अगली सुनवाई 4 सितंबर को होगी।
