‘भ्रष्टाचारी जेल जाएगा, कुर्सी भी जाएगी’: PM मोदी ने गिरफ्तार PM-CM को हटाने वाले बिल का किया जोरदार समर्थन
‘भ्रष्टाचारी जेल जाएगा, कुर्सी भी जाएगी’: PM मोदी ने गिरफ्तार PM-CM को हटाने वाले बिल का किया जोरदार समर्थन
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 अगस्त 2025 को बिहार के गया में विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करते हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रस्तावित सख्त कानून का पुरजोर समर्थन किया। इस कानून के तहत गंभीर आपराधिक आरोपों में 30 दिन से अधिक हिरासत में रहने वाले प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मंत्रियों को पद से हटाना अनिवार्य होगा। पीएम मोदी ने कहा, “भ्रष्टाचारी अब जेल भी जाएगा और उसकी कुर्सी भी जाएगी। यह कानून संविधान की मर्यादा और जनता के विश्वास को बनाए रखने के लिए जरूरी है।” उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि इस कानून का विरोध करने वाले “पाप करने वालों” को डर है।
मोदी ने कहा कि संविधान निर्माता राजेंद्र प्रसाद और बाबा साहेब आंबेडकर ने कभी नहीं सोचा होगा कि जेल में बंद नेता कुर्सी से चिपके रहेंगे। उन्होंने तर्क दिया कि जब एक सरकारी कर्मचारी को जेल जाने पर निलंबित कर दिया जाता है, तो फिर मुख्यमंत्री या मंत्री जेल से सत्ता का सुख कैसे भोग सकते हैं? “यह कानून लोकतंत्र में जनता के भरोसे को मजबूत करेगा। संविधान हर जनप्रतिनिधि से ईमानदारी और पारदर्शिता की अपेक्षा करता है। हम संविधान की मर्यादा को तार-तार नहीं होने देंगे,” उन्होंने जोर देकर कहा।
प्रस्तावित संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, 2025, केंद्र शासित प्रदेश सरकार (संशोधन) विधेयक, और जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक में प्रावधान है कि 5 साल या उससे अधिक सजा वाले अपराध में 30 दिन तक हिरासत में रहने पर संबंधित नेता को 31वें दिन स्वतः पद छोड़ना होगा। अगर जमानत नहीं मिलती, तो पद से हटना अनिवार्य होगा। पीएम ने इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘नमो मिसाइल’ करार देते हुए कहा कि यह कानून राजनीति को अपराधमुक्त करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है।
मोदी ने विपक्ष के विरोध को खारिज करते हुए कहा, “कांग्रेस, आरजेडी और लेफ्ट वाले इस बिल का विरोध कर रहे हैं। उनकी बौखलाहट दिखाती है कि वे भ्रष्टाचारियों को बचाना चाहते हैं।” उन्होंने अरविंद केजरीवाल, सत्येंद्र जैन और सेंथिल बालाजी जैसे नेताओं का उदाहरण दिया, जो जेल में रहते हुए भी पद पर बने रहे। “जेल से सरकार चलाना लोकतंत्र का अपमान है। यह कानून ऐसी प्रवृत्ति को खत्म करेगा,” उन्होंने कहा।
गृह मंत्री अमित शाह ने भी इस बिल को संसद में पेश करते हुए कहा कि यह संवैधानिक नैतिकता और सुशासन के लिए जरूरी है। बिल को संयुक्त संसदीय समिति (JPC) में भेजा गया है, जहां विपक्ष की राय भी ली जाएगी। हालांकि, विपक्ष ने इसे केंद्र द्वारा विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने की साजिश बताया है।
मोदी ने जनता से अपील की कि वे इस कानून का समर्थन करें, ताकि राजनीति में स्वच्छता आए और भ्रष्टाचार पर लगाम लगे। उन्होंने कहा, “यह कानून न केवल भ्रष्टाचारियों को सजा देगा, बल्कि जनता का विश्वास भी बढ़ाएगा।” यह कदम राजनीति में नैतिकता और पारदर्शिता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
