अग्नि-5 मिसाइल का सफल परीक्षण, 5000 किमी की मारक क्षमता के साथ भारत की रक्षा शक्ति मजबूत
अग्नि-5 मिसाइल का सफल परीक्षण, 5000 किमी की मारक क्षमता के साथ भारत की रक्षा शक्ति मजबूत
नई दिल्ली: भारत ने बुधवार, 20 अगस्त 2025 को स्वदेशी रूप से विकसित बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-5 का सफल परीक्षण किया। ओडिशा के अब्दुल कलाम द्वीप से किए गए इस परीक्षण ने मिसाइल की 5,000 किलोमीटर की मारक क्षमता को साबित किया, जो यूरोप, एशिया, मध्य पूर्व और अफ्रीका के अधिकांश हिस्सों को कवर कर सकती है। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने इस उपलब्धि को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए मील का पत्थर बताया।
अग्नि-5 एक अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) है, जो परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है। इसकी सटीकता और मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टारगेटेबल री-एंट्री व्हीकल (MIRV) तकनीक इसे अत्याधुनिक बनाती है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने DRDO और भारतीय सेना को बधाई देते हुए कहा, “यह उपलब्धि भारत की आत्मनिर्भर रक्षा क्षमता का प्रतीक है।”
परीक्षण की तैयारी के लिए भारतीय नौसेना ने 20-21 अगस्त के लिए भारतीय महासागर में 2,530 किमी के खतरे के दायरे की अधिसूचना जारी की थी। यह मिसाइल भारत की *प्रलय* और अन्य मिसाइलों के साथ रक्षा शस्त्रागार को और मजबूत करती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर लिखा, “अग्नि-5 का सफल परीक्षण भारत की तकनीकी और सामरिक ताकत का प्रदर्शन है।” विपक्ष ने भी इस उपलब्धि की सराहना की, लेकिन कुछ नेताओं ने रक्षा बजट बढ़ाने की मांग की। यह परीक्षण ऐसे समय में हुआ है, जब क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियां बढ़ रही हैं, जिससे भारत की रक्षा तैयारियों को वैश्विक स्तर पर सराहना मिल रही है।
