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दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति खरीदते समय रखें वास्तु का ध्यान: जानिए कैसी प्रतिमा लाना होता है शुभ

दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति खरीदते समय रखें वास्तु का ध्यान: जानिए कैसी प्रतिमा लाना होता है शुभ

​नई दिल्ली:

​दीपावली के पावन पर्व पर घर की सजावट से लेकर पूजा की खरीदारी तक हर चीज का विशेष महत्व होता है। इस अवसर पर बाजारों में माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की सुंदर प्रतिमाओं की रौनक बढ़ जाती है। मान्यता है कि दिवाली पर नई लक्ष्मी-गणेश प्रतिमाओं की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है। ऐसे में मूर्ति खरीदते समय उसकी सुंदरता के साथ-साथ कुछ धार्मिक और वास्तु संबंधी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी माना जाता है।

​माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की मूर्ति से जुड़े वास्तु नियम

​माता लक्ष्मी की मुद्रा: वास्तु मान्यताओं के अनुसार, दिवाली पूजन के लिए ऐसी प्रतिमा खरीदनी चाहिए जिसमें माता लक्ष्मी कमल के फूल पर बैठी हों। बैठी हुई मुद्रा को घर के लिए शुभ माना जाता है, क्योंकि खड़ी हुई मुद्रा धन की स्थिरता के लिए अनुकूल नहीं मानी जाती। इसके अलावा, ऐसी प्रतिमा भी शुभ होती है जिसमें उनके हाथों से धन की वर्षा होती दिखाई दे।

​गणेशजी की सूंड की दिशा: भगवान गणेश की प्रतिमा खरीदते समय उनकी सूंड बाईं ओर (वाममुखी) मुड़ी होनी चाहिए। गृहस्थ जीवन के लिए इस स्वरूप को अत्यंत शुभ माना गया है।

​शुभ रंग और वस्त्र: माता लक्ष्मी और गणेशजी की प्रतिमाओं के लिए गुलाबी, सुनहरा और हल्का पीला रंग शुभ माना जाता है। साथ ही, मूर्तियों पर लाल, पीले या गुलाबी रंग के वस्त्र होना अच्छा होता है, जबकि गहरे या काले रंग की प्रतिमाएं खरीदने से बचने की सलाह दी जाती है।

​मूर्ति का आकार: घर के मंदिर में स्थापित करने के लिए मूर्तियां छोटी होनी चाहिए। वास्तु के अनुसार, घर की पूजा के लिए एक से नौ इंच तक की प्रतिमाएं उपयुक्त मानी जाती हैं, क्योंकि बड़ी मूर्तियों के नियम अधिक विस्तृत होते हैं।

​मूर्ति खरीदते इन बातों का भी रखें खास ध्यान

​प्रतिमा अखंडित हो: मूर्ति खरीदते समय अच्छी तरह जांच लें कि वह कहीं से खंडित, चटक या टूटी हुई न हो। थोड़ी सी भी क्षति वाली मूर्ति घर लाने से बचना चाहिए।

​अलग-अलग हों मूर्तियां: लक्ष्मी और गणेशजी की मूर्तियां अलग-अलग होनी चाहिए। ऐसी जुड़ी हुई आकृतियों वाली मूर्ति न खरीदें जिसमें दोनों साथ जुड़े हों।

​वाहन की मौजूदगी: भगवान गणेश की मूर्ति के साथ उनका वाहन मूषक और माता लक्ष्मी की प्रतिमा के साथ उल्लू या हाथी का स्वरूप होना शुभ माना जाता है।

​यह सभी नियम पारंपरिक और वास्तु मान्यताओं पर आधारित हैं। ऐसे में प्रतिमा का चयन अपनी श्रद्धा, परंपरा और पूजा की व्यवस्था को ध्यान में रखकर करना चाहिए।

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