योग करने से पहले जान लें ये जरूरी सावधानियां, आयुष मंत्रालय ने बताया सही तरीका; लापरवाही पड़ सकती है भारी
योग करने से पहले जान लें ये जरूरी सावधानियां, आयुष मंत्रालय ने बताया सही तरीका; लापरवाही पड़ सकती है भारी
योग एक प्राचीन भारतीय परंपरा है, जो शरीर को स्वस्थ रखने के साथ-साथ मन को शांत और संतुलित बनाने में भी मदद करती है। हालांकि, योग का पूरा लाभ तभी मिलता है, जब इसका अभ्यास सही तकनीक और जरूरी सावधानियों के साथ किया जाए। गलत तरीके से या बिना पर्याप्त जानकारी के योग करने पर मांसपेशियों में खिंचाव, दर्द और अन्य शारीरिक परेशानियां हो सकती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने योगासन करते समय सावधानी बरतने और सही मार्गदर्शन में अभ्यास करने की सलाह दी है।
मंत्रालय के अनुसार, योग सीखना केवल दूसरों को देखकर आसन करने या निर्देशों का पालन करने तक सीमित नहीं है। खासकर शुरुआती लोगों को किसी प्रशिक्षित योग विशेषज्ञ या थेरेपिस्ट की देखरेख में सही तकनीक सीखनी चाहिए। अभ्यास की उचित समझ विकसित होने के बाद ही अपनी जरूरत और शारीरिक क्षमता के अनुसार योग करना चाहिए। यदि अभ्यास के दौरान किसी तरह की परेशानी या प्रतिकूल प्रभाव महसूस हो, तो इसकी जानकारी अपने प्रशिक्षक को देनी चाहिए।
1. पूरी जागरूकता के साथ करें योग
योगासन करते समय शरीर की स्थिति, सांस लेने के तरीके और अपनी शारीरिक क्षमता पर ध्यान देना जरूरी है। जल्दबाजी में कठिन आसन करने या शरीर पर जरूरत से ज्यादा दबाव डालने से बचें। धीरे-धीरे अभ्यास करने और बिना झटके के गतिविधियां करने से मांसपेशियों में खिंचाव जैसी समस्याओं का जोखिम कम किया जा सकता है।
2. विशेषज्ञ के मार्गदर्शन में करें शुरुआत
योग की शुरुआत किसी प्रशिक्षित विशेषज्ञ की देखरेख में करना बेहतर होता है। इससे आसन करने की सही मुद्रा, सांस लेने की तकनीक और शरीर के संतुलन को समझने में मदद मिलती है। गलत तरीके से आसन करने पर दर्द या मांसपेशियों में खिंचाव हो सकता है।
यदि किसी व्यक्ति को पुरानी बीमारी, जोड़ों में दर्द या कोई अन्य स्वास्थ्य समस्या है, तो योग शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना उचित है। प्रशिक्षक भी व्यक्ति की स्थिति और क्षमता के अनुसार अभ्यास में जरूरी बदलाव सुझा सकते हैं।
3. योग करने का सही समय और तरीका समझें
आयुष मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार, योग के लिए सूर्योदय का समय उपयुक्त माना जाता है। हालांकि, अपनी सुविधा के अनुसार सूर्यास्त के बाद भी अभ्यास किया जा सकता है। योगासन करते समय पेट हल्का होना चाहिए। इसलिए भोजन करने के कम से कम दो से तीन घंटे बाद योग करना बेहतर है।
योग को केवल शारीरिक कसरत न समझें। इसमें शरीर, मन और सांस के बीच तालमेल बनाए रखना भी महत्वपूर्ण है। प्रत्येक आसन को सही तरीके से करना और अपनी सहजता के अनुसार उसकी अवधि तय करना जरूरी है।
4. अपनी जरूरत और क्षमता के अनुसार चुनें आसन
हर व्यक्ति की शारीरिक क्षमता और जरूरत अलग होती है। इसलिए दूसरों को देखकर कठिन आसन करने की कोशिश न करें। शुरुआत में ताड़ासन, कटी चक्रासन और शशांक-भुजंग गति जैसे अपेक्षाकृत सरल अभ्यास किए जा सकते हैं, बशर्ते वे आपकी शारीरिक स्थिति के अनुकूल हों।
अभ्यास के दौरान दर्द, चक्कर या असहजता महसूस होने पर रुक जाएं। शरीर पर अनावश्यक दबाव डालने के बजाय धीरे-धीरे अभ्यास बढ़ाएं।
5. सही तकनीक सीखने के बाद ही खुद करें अभ्यास
शुरुआती चरण में विशेषज्ञ से योग सीखना इसलिए जरूरी है, ताकि प्रत्येक आसन की सही विधि और उससे जुड़ी सावधानियों की जानकारी मिल सके। जब बुनियादी आसनों की तकनीक अच्छी तरह समझ में आ जाए, तो प्रशिक्षक के निर्देशों के अनुसार धीरे-धीरे स्वयं अभ्यास किया जा सकता है।
हालांकि, कठिन आसनों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की स्थिति में विशेषज्ञ का मार्गदर्शन लेते रहना बेहतर है।
योग में सावधानी और नियमितता है जरूरी
योग का वास्तविक लाभ केवल आसन करने में नहीं, बल्कि सही तकनीक, जागरूकता और नियमित अभ्यास में है। शरीर की सीमाओं का सम्मान करना, गतिविधियों को नियंत्रित रखना और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहद जरूरी है। सही तरीके से किया गया योग शारीरिक स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन बनाए रखने में सहायक हो सकता है।

