इजरायल में 26वीं नेसेट के लिए मतदान संपन्न: मतदाताओं ने जताई शांति की उम्मीद, 73 लाख वोटरों के लिए बनाए गए 12,000 से अधिक पोलिंग बूथ
इजरायल में 26वीं नेसेट के लिए मतदान संपन्न: मतदाताओं ने जताई शांति की उम्मीद, 73 लाख वोटरों के लिए बनाए गए 12,000 से अधिक पोलिंग बूथ
इजरायल में 26वीं नेसेट (संसद) के चुनाव के लिए मंगलवार को मतदान प्रक्रिया संपन्न हुई। 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले और उसके बाद शुरू हुए युद्ध के बाद देश में यह पहला आम चुनाव है।
इस ऐतिहासिक मतदान के दौरान इजरायली नागरिकों ने लोकतंत्र पर अपना अटूट विश्वास जताया और देश व दुनिया में शांति की उम्मीद व्यक्त की। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी अपनी पत्नी सारा नेतन्याहू के साथ यरुशलम के एक मतदान केंद्र पर अपना वोट डाला और देशवासियों से बढ़-चढ़कर मतदान करने की अपील की।
1. 73 लाख पात्र मतदाता और व्यापक चुनावी तैयारियां:
इजरायल के केंद्रीय चुनाव आयोग के महानिदेशक डीन लिवने के अनुसार, चुनाव को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए बड़े पैमाने पर व्यवस्थाएं की गईं:
पंजीकृत मतदाता: देशभर में लगभग 73 लाख (7.3 Million) पात्र मतदाता पंजीकृत हैं।
मतदान केंद्र: मतदाताओं की सुविधा के लिए 12,018 नियमित पोलिंग बूथ बनाए गए। इसके अलावा अस्पतालों, जेलों और सैन्य ठिकानों जैसे विशेष स्थानों पर 300 अतिरिक्त मतदान केंद्र स्थापित किए गए।
बजट और मतपत्र: चुनाव के लिए 45 करोड़ मतपत्र छापे गए और इसे संपन्न कराने का कुल बजट लगभग 70 करोड़ नई इजरायली शेकेल (करीब 15 करोड़ अमेरिकी डॉलर) रहा।
2. ‘शांति और मजबूत भविष्य’ की कामना: मतदाताओं की राय
मतदान केंद्रों से बाहर निकले स्थानीय निवासियों और युवाओं ने देश के भावी राजनीतिक परिदृश्य को लेकर अपनी प्रतिक्रियाएं साझा कीं:
शांति की मांग: आईएएनएस (IANS) से बात करते हुए स्थानीय मतदाताओं ने कहा कि वे युद्ध नहीं, बल्कि इजरायल और पूरी दुनिया में शांति चाहते हैं। उन्होंने इजरायल की लोकतांत्रिक प्रणाली की सराहना करते हुए इसे तानाशाही से परे एक मजबूत देश बताया।
लोकतांत्रिक भागीदारी पर जोर: कई मतदाताओं ने 18 वर्ष से अधिक उम्र के सभी नागरिकों से अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने का आग्रह किया।
इतिहास का सबसे महत्वपूर्ण चुनाव: एक मतदाता ने इसे इजरायल के इतिहास का सबसे निर्णायक चुनाव करार दिया, जो देश की भविष्य की दिशा और राजनीतिक प्राथमिकताओं को तय करेगा।
3. राजनीतिक महत्व और 2022 के बाद का बदलाव:
2022 के पिछले चुनावों के बाद से इजरायल के सामाजिक और राजनीतिक हालात में बड़ा बदलाव आया है। 7 अक्टूबर के सुरक्षा संकट और उसके बाद के घटनाक्रमों के बाद हो रहे इस चुनाव को बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार और इजरायल की भावी सुरक्षा व विदेश नीति के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण जनमत संग्रह माना जा रहा है।

