धराली आपदा: ग्रामीणों ने शुरू की प्राचीन कल्प केदार मंदिर को मलबे से बाहर निकालने की मुहिम
धराली आपदा: ग्रामीणों ने शुरू की प्राचीन कल्प केदार मंदिर को मलबे से बाहर निकालने की मुहिम
उत्तरकाशी:
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के धराली गांव में आपदा के 14 महीने बाद स्थानीय ग्रामीणों ने एक साहसिक पहल की है। पिछले साल 5 अगस्त को आई भीषण आपदा के मलबे में दबे पौराणिक और प्राचीन कल्प केदार मंदिर को दोबारा खोजने के लिए ग्रामीणों ने अपने दम पर खुदाई का कार्य शुरू कर दिया है। सरकार और प्रशासन की ओर से मदद न मिलने पर ग्रामीणों ने खुद ही इस पवित्र स्थल को बाहर निकालने का बीड़ा उठाया है।
नवरात्रि के पहले दिन से शुरू हुए इस अभियान की शुरुआत आराध्य सोमेश्वर देवता की देवडोली के आदेश और सानिध्य में विधि-विधान से पूजा-पाठ व हवन के साथ की गई। मंदिर समिति से जुड़े लोगों ने बताया कि इस कार्य के लिए पूरे गांव से स्वेच्छा से चंदा एकत्र किया जा रहा है। अब तक डेढ़ सौ से अधिक ग्रामीणों ने 5100-5100 रुपये का योगदान दिया है, जिसके आधार पर जेसीबी और मजदूरों की मदद से मलबे हटाने का काम तेजी से चल रहा है।
धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व
मान्यता है कि प्राचीन कल्प केदार मंदिर की स्थापना महाभारत काल में पांडवों द्वारा की गई थी। इतिहास में इस बात का भी उल्लेख मिलता है कि आदि गुरु शंकराचार्य ने भी इस मंदिर का जीर्णोद्धार कराया था। इससे पहले 1803 और 1926 की आपदाओं में भी यह मंदिर मलबे में दब चुका है, जिसे तब भी ग्रामीणों ने ही कड़ी मेहनत के बाद बाहर निकाला था। ठीक 100 साल बाद, 5 अगस्त 2025 को आई आपदा में यह मंदिर लगभग 50 फीट मलबे और बोल्डर के नीचे दफन हो गया था, जिसे अब स्थानीय लोग अपनी आस्था और एकजुटता के बल पर दोबारा ढूंढने में जुटे हैं।

