ट्रंप सरकार का बड़ा फैसला: विप्रो, टाटा, इन्फोसिस समेत 8 IT कंपनियों को ग्रीन कार्ड प्रोग्राम से सस्पेंड
ट्रंप सरकार का बड़ा फैसला: विप्रो, टाटा, इन्फोसिस समेत 8 IT कंपनियों को ग्रीन कार्ड प्रोग्राम से सस्पेंड
वाशिंगटन, 8 अक्टूबर 2026: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार ने गुरुवार को बड़ा कदम उठाते हुए विप्रो, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), इन्फोसिस, एचसीएल, कॉग्निजेंट, कैपजेमिनी, माइक्रोसॉफ्ट और एडोब जैसी कंपनियों को परमानेंट लेबर सर्टिफिकेशन प्रोग्राम (PERM) से सस्पेंड कर दिया है। यह प्रोग्राम H-1B वीजा पर काम करने वाले विदेशी कर्मचारियों को ग्रीन कार्ड (स्थायी निवास) दिलाने में अहम भूमिका निभाता है।
अमेरिकी श्रम सचिव कीथ सॉन्डरलिंग ने व्हाइट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस फैसले की घोषणा की। इस मौके पर उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और एंटी-फ्रॉड टास्क फोर्स के अधिकारी भी मौजूद थे। सॉन्डरलिंग ने कहा, “मैं दुनिया की सबसे बड़ी IT आउटसोर्सिंग कंपनियों—कॉग्निजेंट, इन्फोसिस, टाटा, विप्रो, एचसीएल और कैपजेमिनी—को परमानेंट लेबर सर्टिफिकेशन प्रोग्राम से सस्पेंड कर रहा हूं। माइक्रोसॉफ्ट और एडोब को भी सक्रिय संघीय जांच के चलते इस प्रोग्राम से निलंबित किया जा रहा है।”
सरकार अब इन कंपनियों से जुड़े किसी भी नए या लंबित PERM आवेदन को स्वीकार या प्रोसेस नहीं करेगी।
क्यों लिया गया यह फैसला?
ट्रंप प्रशासन का आरोप है कि इन कंपनियों ने विदेशी कर्मचारियों को काम पर रखकर अमेरिकी कर्मचारियों के रोजगार के अवसर छीने हैं। सॉन्डरलिंग ने दावा किया कि सिर्फ इन कंपनियों ने 2009 से अब तक लगभग 30 लाख विदेशी कर्मचारियों की मांग की, 2.30 लाख से ज्यादा H-1B वीजा मंजूर हुए और एक लाख से अधिक स्थायी श्रम प्रमाणपत्र जारी हुए।
उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने खासकर माइक्रोसॉफ्ट पर निशाना साधते हुए कहा कि कंपनी ने पिछले साल हजारों अमेरिकी कर्मचारियों को निकाल दिया, लेकिन साथ ही हजारों H-1B वीजा और ग्रीन कार्ड का लाभ उठाया। उन्होंने कहा, “आप एक महान अमेरिकी कंपनी हैं, लेकिन आपको महान अमेरिकी कर्मचारियों को काम पर रखना होगा।”
कर्मचारियों पर क्या असर पड़ेगा?
मौजूदा H-1B वीजा और वर्तमान में काम कर रहे कर्मचारियों की स्थिति पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
सिर्फ नई ग्रीन कार्ड फाइलिंग और लंबित आवेदनों पर रोक लग गई है।
भारतीय IT कंपनियों पर काम करने वाले हजारों पेशेवरों की स्थायी निवास प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
यह फैसला ट्रंप प्रशासन की रोजगार-आधारित इमिग्रेशन पर सख्ती का हिस्सा है। इससे पहले भी प्रशासन ने H-1B सिस्टम में कथित दुरुपयोग की जांच बढ़ाई थी।
अपडेट: कंपनियों की ओर से अभी आधिकारिक प्रतिक्रिया आना बाकी है। शेयर बाजार में इन्फोसिस और विप्रो के ADR में गिरावट देखी गई।

