राजघाट पहुंचा विपक्ष का ‘वोट चोरी’ विरोध मार्च, राहुल-खड़गे ने संभाली कमान, तीसरे दिन भी जारी रहा प्रदर्शन
राजघाट पहुंचा विपक्ष का ‘वोट चोरी’ विरोध मार्च, राहुल-खड़गे ने संभाली कमान
तीसरे दिन भी जारी रहा प्रदर्शन, सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग तेज
इंडिया गठबंधन का ‘वोट चोरी’ के खिलाफ विरोध प्रदर्शन गुरुवार को लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों ने कनॉट प्लेस से राजघाट तक मार्च निकाला और महात्मा गांधी की समाधि पर शांतिपूर्ण धरना दिया।
आज का पूरा घटनाक्रम
दोपहर – लंच मीटिंग
दोपहर में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रियंका गांधी वाड्रा सहित इंडिया गठबंधन के कई वरिष्ठ नेता कनॉट प्लेस स्थित एक रेस्टोरेंट में लंच मीटिंग में शामिल हुए। बैठक में समाजवादी पार्टी, शिवसेना (यूबीटी), एनसीपी (एसपी), तृणमूल कांग्रेस, आरजेडी और वाम दलों के सांसद भी मौजूद रहे।
लंच के बाद मीडिया से बात करते हुए मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, “हम राजघाट पहुंचकर शांतिपूर्ण धरना देंगे और प्रार्थना करेंगे कि मोदी और अमित शाह को सद्बुद्धि मिले। स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान से मिली आजादी को छीना जा रहा है और लोगों के वोट देने के अधिकार को खत्म किया जा रहा है।”
मार्च की शुरुआत
लंच मीटिंग के बाद विपक्षी नेता तीन बसों में बैठकर राजघाट की ओर रवाना हुए। राहुल गांधी और खड़गे वाली बस की छत पर कुछ सांसद चढ़ गए और तिरंगा लहराते हुए नारेबाजी की। कांग्रेस कार्यकर्ताओं, एनएसयूआई और छात्र संगठनों के युवा काफिले के साथ पैदल चलते रहे और “वोट चोर गद्दी छोड़ो”, “लोकतंत्र बचाओ” जैसे नारे लगाए।
राजघाट पर धरना
राजघाट पहुंचकर राहुल गांधी, खड़गे, प्रियंका गांधी समेत सभी नेताओं ने महात्मा गांधी की समाधि पर फूल चढ़ाए और नमन किया। इसके बाद घास पर बैठकर शांतिपूर्ण धरना दिया।
राहुल गांधी ने यहां तीखा हमला बोलते हुए कहा,
“सच्चाई यह है कि नरेंद्र मोदी, अमित शाह, मोहन भागवत और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने एक आपराधिक साजिश के तहत देश को हाईजैक कर लिया है। उन्होंने संविधान को नष्ट कर दिया है और जनता के वोट चुराए हैं। ये लोग बच नहीं पाएंगे। हम इन्हें न्याय के कटघरे में खड़ा करेंगे।”
विपक्ष का आरोप है कि चुनाव आयोग द्वारा किए जा रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) में बड़े पैमाने पर मतदाता सूची से नाम हटाए गए हैं, जिससे ‘वोट चोरी’ हो रही है। विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है।
आगे की रणनीति
नेताओं ने साफ कहा कि प्रदर्शन शुक्रवार को भी जारी रहेगा। कल सुबह संसद भवन में बैठक का कार्यक्रम है। 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर बड़े प्रदर्शन का भी ऐलान किया गया है।
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने राजघाट पर कहा, “हम सीईसी के इस्तीफे तक लड़ाई जारी रखेंगे। प्रधानमंत्री को जनता की आवाज सुननी चाहिए।”
इस तरह गुरुवार को विपक्ष ने रणनीति बदलते हुए राजघाट पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन का रास्ता चुना। पिछले दो दिनों में पुलिस बैरिकेडिंग और हिरासत के बाद आज का प्रदर्शन अपेक्षाकृत शांत रहा, लेकिन विरोध का स्वर उतना ही तीखा था।

