टेक-ऑटो

भारत में स्टारलिंक की एंट्री, संभावित कीमतें, और सैटेलाइट इंटरनेट से जुड़ी खास बातें

भारत में स्टारलिंक की एंट्री, संभावित कीमतें, और सैटेलाइट इंटरनेट से जुड़ी खास बातें

​दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति एलन मस्क (Elon Musk) की सैटेलाइट इंटरनेट कंपनी स्टारलिंक (Starlink) के भारत में लॉन्च का इंतजार अभी भी बना हुआ है। हालांकि कई लाइसेंसिंग मंजूरियां और औपचारिकताएं अभी बाकी हैं, लेकिन माना जा रहा है कि आने वाले समय में यह सेवा भारत में शुरू हो सकती है। एलन मस्क ने भारत में एंट्री मिलने में हो रही देरी को लेकर हाल ही में परोक्ष रूप से अपनी प्रतिक्रिया भी दी है, जिससे यह तकनीक एक बार फिर चर्चा में आ गई है।

​स्टारलिंक इंटरनेट और इसकी कार्यप्रणाली से जुड़ी मुख्य बातें:

​कैसे काम करता है सैटेलाइट इंटरनेट: पारंपरिक फाइबर ऑप्टिक केबल्स से अलग, स्टारलिंक अंतरिक्ष में पृथ्वी की निचली कक्षा (LEO) में चक्कर लगाने वाले हजारों छोटे उपग्रहों (सैटेलाइट्स) के नेटवर्क के जरिए सीधे रेडियो सिग्नल्स के माध्यम से उपयोगकर्ताओं के घर तक इंटरनेट पहुंचाता है। कंपनी का लक्ष्य अंतरिक्ष में लगभग 42,000 मिनी उपग्रहों का जाल बिछाना है।

​दूर-दराज के इलाकों के लिए वरदान: यह सेवा उन ग्रामीण, पहाड़ी और दूर-दराज के क्षेत्रों के लिए बेहद उपयोगी है जहां आज भी केबल आधारित ब्रॉडबैंड या पारंपरिक मोबाइल नेटवर्क की पहुंच बेहद सीमित है। अत्यधिक खराब मौसम, आंधी-तूफान या भारी बारिश में भी यह 99.9% से अधिक का शानदार अपटाइम देने का दावा करता है।

​संभावित कीमत और खर्च: पिछले साल लीक हुई रिपोर्ट के अनुसार, भारत में स्टारलिंक की मासिक कीमत लगभग 8,600 रुपये प्रति माह तय की जा सकती है, हालांकि अंतिम लॉन्च के समय कीमतों में बदलाव संभव है। इसके अलावा यूजर को डिश एंटीना, वाई-फाई राउटर और अन्य हार्डवेयर सेटअप के लिए शुरुआती तौर पर लगभग 30,000 रुपये खर्च करने पड़ सकते हैं। कंपनी शुरुआत में कुछ दिनों के ट्रायल या फ्री सर्विस का विकल्प भी दे सकती है।

​इंटरनेट स्पीड: स्टारलिंक का दावा है कि इसके जरिए ग्रामीण और अलग-थलग पड़े इलाकों में भी आसानी से 150Mbps तक की सुपरफास्ट इंटरनेट स्पीड और बहुत कम लेटेंसी (लगभग 20ms) मिल सकती है। इसे इंस्टॉल करना भी बेहद आसान है, जिसमें केवल डिश को आसमान की तरफ करके प्लग-इन करना होता है।

​पारंपरिक 5G नेटवर्क से तुलना:

​भारत में वर्तमान में 4G और 5G नेटवर्क का तेजी से विस्तार हो रहा है, जो बहुत कम कीमत (लगभग 300 रुपये में अनलिमिटेड डेटा) और अधिक स्पीड में आसानी से उपलब्ध है। ऐसे में शहरी इलाकों के लिए इसकी जरूरत कम महसूस होती है, लेकिन देश के उन दुर्गम और पहाड़ी क्षेत्रों के लिए जहां आज भी मोबाइल नेटवर्क या फाइबर इंटरनेट पहुंचना असंभव है, स्टारलिंक जैसी सैटेलाइट तकनीक बेहद मददगार साबित हो सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *