सौंठ (सूखी अदरक) के औषधीय गुण, उपयोग और घरेलू उपाय
सौंठ (सूखी अदरक) के औषधीय गुण, उपयोग और घरेलू उपाय
आयुर्वेदिक और पारंपरिक चिकित्सा पद्धति में सौंठ (सूखी अदरक) को एक अत्यंत गुणकारी औषधि माना गया है। सौंठ में अदरक के सभी प्राकृतिक गुण और वातनाशक तत्व मौजूद होते हैं। यह शरीर में संतुलन स्थापित करने के साथ-साथ जीवनी शक्ति और रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) को बढ़ाने में मददगार है।
सौंठ से जुड़े कुछ प्रमुख गुण और स्वास्थ्य लाभ:
गुणवत्ता और प्रकार: वेल्थ ऑफ इंडिया ग्रंथ के अनुसार, अदरक को छीलकर सुखाने से उसका अधिकांश आवश्यक तेल (एसेंशियल ऑयल) नष्ट हो जाता है, इसलिए बिना छीले स्वाभाविक रूप से धूप में सुखाई गई सौंठ को सबसे अधिक गुणकारी माना जाता है। हालांकि, गर्म प्रकृति वाले लोगों के लिए इसका सेवन सीमित मात्रा में ही अनुकूल होता है।
पाचन और भूख के लिए: भोजन से पहले अदरक के टुकड़ों पर काला नमक लगाकर चबाने से अपच दूर होती है, पेट हल्का रहता है और भूख खुलती है।
जुकाम और सर्दी-खांसी में राहत: सौंठ और उड़द को उबालकर उसका पानी पीने से लकवा जैसे विकारों में मदद मिलती है। इसके अलावा, सौंठ, पीपल और कालीमिर्च (त्रिकुटा) का चूर्ण शहद के साथ लेने से पुराना जुकाम और श्वासनली की सूजन में लाभ होता है।
दर्द और गठिया में उपयोगी: सौंठ, अजवायन और सरसों के तेल को पकाकर घुटनों पर मालिश करने से जोड़ों और घुटनों के दर्द में राहत मिलती है। सौंठ, कालीमिर्च, बायविडंग और सेंधानमक के चूर्ण को शहद के साथ लेने से गठिया के दर्द में फायदा होता है।
सिरदर्द और सूजन: सौंठ को पानी या दूध में घिसकर नाक पर लगाने और लेप करने से आधे सिर के दर्द (माइग्रेन) में लाभ होता है। लगभग 12 ग्राम सौंठ को गुड़ के साथ खाने से शरीर की सूजन खत्म होती है।
दंत स्वास्थ्य: सौंठ, हरड़, बहेड़ा, आंवला और सरसों का काढ़ा बनाकर कुल्ला करने से मसूढ़ों की सूजन, पीव और दांतों का हिलना बंद होता है।
अन्य लाभ: पीलिया के रोग में गुड़ के साथ सौंठ का सेवन करना फायदेमंद माना गया है। साथ ही, बुढ़ापे में पाचन कमजोर होने और जोड़ों के दर्द में सौंठ मिला हुआ दूध पीने से राहत मिलती है।
