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यूएनजीए का 81वां सत्र: शहबाज शरीफ के भारत विरोधी बयानों पर भारत का करारा जवाब, सिंधु जल संधि और आतंकवाद पर आईना

यूएनजीए का 81वां सत्र: शहबाज शरीफ के भारत विरोधी बयानों पर भारत का करारा जवाब, सिंधु जल संधि और आतंकवाद पर आईना

​संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें अधिवेशन में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने एक बार फिर भारत के खिलाफ आक्रामक और युद्धोन्मादी बयानबाजी की। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने एक तरफ जहां सिंधु जल संधि और कश्मीर का राग अलापा, वहीं दूसरी तरफ भारत को पानी के मुद्दे पर युद्ध तक की धमकी दे डाली। हालांकि, भारत ने संयुक्त राष्ट्र के मंच से ‘राइट टू रिप्लाई’ (जवाब देने के अधिकार) का इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तान को हर मोर्चे पर करारा और बेबाक जवाब दिया।

​शहबाज शरीफ के भाषण के मुख्य बिंदु:

​सिंधु जल संधि की चेतावनी: शरीफ ने धमकी भरे लहजे में कहा कि पाकिस्तान के हिस्से का पानी रोकने, उसमें बाधा डालने या उसका रुख मोड़ने के किसी भी प्रयास को पाकिस्तान ‘एक्ट ऑफ़ वॉर’ (युद्ध की कार्रवाई) मानेगा। उन्होंने भारत पर पानी को हथियार बनाने का आरोप लगाया।

​कश्मीर पर पुराना राग: पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने एक बार फिर कश्मीर को पाकिस्तान की ‘जुगुलर वेन’ (गले की नस) बताते हुए दावा किया कि जब तक कश्मीरियों को आत्मनिर्णय का अधिकार नहीं मिलता, पाकिस्तान उन्हें समर्थन देता रहेगा।

​क्षेत्रीय और आंतरिक मुद्दे: अपने भाषण में उन्होंने भारत की आंतरिक स्थिति और अल्पसंख्यकों के अधिकारों को लेकर अनर्गल आरोप लगाए, जबकि यूएन मुख्यालय के बाहर बलूच, पश्तून और ईसाई समुदायों के लोग पाकिस्तान सरकार द्वारा मानवाधिकारों के हनन और अल्पसंख्यकों पर अत्याचार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे।

​भारत का करारा जवाब: ‘राइट टू रिप्लाई’ और ‘फॉर्म-47’ का जिक्र

भारत की फर्स्ट सेक्रेटरी पेटल गहलोत ने संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के दावों की धज्जियां उड़ाते हुए उसे कड़ा जवाब दिया:

​राजनीतिक वैधता पर सवाल: भारत ने पाकिस्तान के चुनावों में धांधली का प्रतीक बन चुके ‘फॉर्म-47’ का मुद्दा उठाते हुए वहां की राजनीतिक व्यवस्था और सेना के नियंत्रण पर तीखा प्रहार किया।

​आतंकवाद का इतिहास: भारत ने ओसामा बिन लादेन के पाकिस्तान में छिपे होने का जिक्र करते हुए दुनिया को आतंकवाद को पनाह देने वाले पाकिस्तान के असली चेहरे से रूबरू कराया।

​सैन्य कार्रवाई की सच्चाई: पाकिस्तान के जीत के दावों पर पलटवार करते हुए भारत ने स्पष्ट किया कि पूरी दुनिया जानती है कि भारतीय कार्रवाई में पाकिस्तान के सैन्य एयरबेस तबाह हुए थे और खुद पाकिस्तानी सेना ने सीजफायर की मांग की थी।

​इसके अलावा, जब संयुक्त राष्ट्र में प्रवेश करते वक्त पत्रकारों ने शहबाज शरीफ से आतंकवादियों को पनाह देने और हाफिज सईद से जुड़े तीखे सवाल पूछे, तो वे बिना कोई जवाब दिए वहां से खिसकते नजर आए।

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