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ईरान और ओमान के बीच होर्मुज स्ट्रेट के नए मार्गों पर सहमति: मस्कट में क्षेत्रीय बैठक में होगी चर्चा

ईरान और ओमान के बीच होर्मुज स्ट्रेट के नए मार्गों पर सहमति: मस्कट में क्षेत्रीय बैठक में होगी चर्चा

​ईरान के अधिकारियों ने हाल ही में घोषणा की है कि ईरान और ओमान ने सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट (जलडमरूमध्य) के लिए नए प्रवेश और निकास मार्गों की रूपरेखा तैयार कर ली है और इस पर सहमति बन गई है। इस समझौते और इससे जुड़े अहम पहलुओं की मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:

​1. नए मार्गों की रूपरेखा और व्यवस्था:

​ईरान के क्षेत्रीय जलक्षेत्र का उपयोग: अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी ‘तस्नीम’ के अनुसार, अगस्त के आखिर में हुई अंतिम सहमति के तहत खाड़ी क्षेत्र में प्रवेश करने वाला नया मार्ग पूरी तरह से ईरान के क्षेत्रीय समुद्री जल के भीतर होगा, जबकि निकास मार्ग का एक हिस्सा भी ईरानी जलक्षेत्र में आएगा।

​दक्षिणी मार्ग बंद होगा: नया सिस्टम लागू होने के बाद जलमार्ग के दक्षिणी मार्ग को बंद कर दिया जाएगा, हालांकि अमेरिका इस बात पर जोर दे रहा था कि दक्षिणी मार्ग खुला रहना चाहिए।

​2. जलमार्ग पूरी तरह खोलने पर ईरान की शर्तें:

​शर्तों के पूरा होने तक प्रतिबंध: इस समझौते का मतलब यह नहीं है कि होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह खोल दिया जाएगा। ईरान ने इसे दोबारा खोलने के लिए 7 शर्तें रखी हैं, जिन्हें अमेरिका को बता दिया गया है।

​अमेरिका का व्यवहार: जब तक इन शर्तों को लागू नहीं किया जाता, तब तक यह जलमार्ग बंद रहेगा और इसे दोबारा खोलने का फैसला पूरी तरह से अमेरिका के रुख और व्यवहार पर निर्भर करता है।

​3. मस्कट में क्षेत्रीय बैठक:

​विदेश मंत्रियों की बैठक: ओमान की राजधानी मस्कट में सोमवार को खाड़ी तटवर्ती देशों के विदेश मंत्रियों की एक क्षेत्रीय बैठक आयोजित होने जा रही है।

​चर्चा का विषय: ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई के अनुसार, इस बैठक में खाड़ी देशों के अलावा ईरान और इराक के विदेश मंत्रियों के भी शामिल होने की उम्मीद है। इस दौरान प्रतिनिधिमंडलों को होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों के सुरक्षित आवागमन को लेकर ईरान और ओमान के बीच हुई बातचीत और चरणबद्ध योजना (जिसमें अस्थायी संयुक्त नौवहन गलियारा बनाने का प्रस्ताव है) के नतीजों की जानकारी दी जाएगी।

​4. पृष्ठभूमि और महत्व:

​प्रतिबंधों की वजह: 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद तेहरान ने इस सामरिक जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया था, जिसके जवाब में अमेरिकी बलों ने ईरानी बंदरगाहों की ओर आने-जाने वाले जहाजों को निशाना बनाते हुए नौसैनिक नाकेबंदी लागू कर दी थी।

​वैश्विक महत्व: फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ने वाला होर्मुज स्ट्रेट दुनिया में तेल और गैस की ढुलाई के लिए सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील समुद्री मार्गों में से एक है।

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