ब्रिटेन में राजनीतिक भूचाल: स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड की आजादी का ऐतिहासिक रोडमैप तैयार
ब्रिटेन में राजनीतिक भूचाल: स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड की आजादी का ऐतिहासिक रोडमैप तैयार
कार्डिफ में हुई एक अहम राजनीतिक बैठक ने यूनाइटेड किंगडम के भविष्य पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है। स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड के शीर्ष नेता एक मंच पर आ गए हैं और यूके को तीन हिस्सों में विभाजित करने की दिशा में एक साझा समझौते पर आगे बढ़ रहे हैं।
ब्रिटेन के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब इन तीनों राष्ट्रों में एक साथ आजादी का समर्थन करने वाली सरकारें सत्ता में हैं। इस त्रिस्तरीय गठबंधन ने नए प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। स्कॉटिश फर्स्ट मिनिस्टर जॉन स्विनी ने यहां तक कह दिया है कि बर्नहम को ‘यूनाइटेड किंगडम के आखिरी प्रधानमंत्री’ के तौर पर इतिहास में दर्ज होने के हालात का सामना करना पड़ रहा है।
इन चार बड़े मुद्दों पर बनी सहमति
कार्डिफ के सेंट डेविड्स होटल में हो रही इस बैठक में नेताओं ने एक विस्तृत रोडमैप तैयार किया है, जिसके मुख्य बिंदु ये हैं:
अर्थव्यवस्था और ऊर्जा: देश के भविष्य और संसाधनों पर नए सिरे से नीति तय करना।
यूरोपीय संघ (EU) की सदस्यता: स्कॉटलैंड और वेल्स आजादी के बाद स्वतंत्र रूप से ईयू का हिस्सा बनने की योजना बना रहे हैं, जबकि उत्तरी आयरलैंड रिपब्लिक ऑफ आयरलैंड में विलय के जरिए ईयू में शामिल होने की राह तलाश रहा है।
अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और आत्मनिर्णय: राष्ट्रों के पास अपने अधिकार और भविष्य तय करने की पूरी छूट हो।
इस घटनाक्रम से वेस्टमिंस्टर की नींद उड़ गई है। स्कॉटिश नेताओं का साफ कहना है कि मौजूदा राजनीतिक स्थिति अब टिकाऊ नहीं है और केंद्र सरकार को ‘पोस्ट-यूके फ्यूचर’ यानी ब्रिटेन के बाद के हालात के लिए तैयार रहना होगा। उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयानों ने भी इस पूरे राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है। अब सबकी नजरें इस पर हैं कि प्रधानमंत्री बर्नहैम देश को बिखरने से बचाने के लिए क्या कदम उठाते हैं।
