रूस के घातक ड्रोन हमलों पर भड़के यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की: कहा— सैन्य मोर्चे पर नाकामी के बाद अर्थव्यवस्था को बना रहा है निशाना
रूस के घातक ड्रोन हमलों पर भड़के यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की: कहा— सैन्य मोर्चे पर नाकामी के बाद अर्थव्यवस्था को बना रहा है निशाना
यूक्रेन पर रूस के हमले लगातार जारी हैं और हाल ही में शनिवार को रूस ने लगभग 500 ड्रोन से यूक्रेन पर भीषण हमला किया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर इन हमलों की जानकारी दी और रूस पर यूक्रेन की अर्थव्यवस्था को तबाह करने का गंभीर आरोप लगाया है।
1. 500 ड्रोन हमले और रूस की नई रणनीति:
आसमान में ‘शाहेद’ ड्रोन: जेलेंस्की ने बताया कि रूस के ड्रोन हमले पूरे दिन जारी रहे और सुबह से लगभग 500 हमलावर ड्रोन लॉन्च किए गए, जिनमें से कई ‘शाहेद’ ड्रोन आसमान में सक्रिय रहे।
अर्थव्यवस्था को निशाना बनाना: राष्ट्रपति का कहना है कि जब रूस को सैन्य मोर्चे पर सफलता नहीं मिली, तो उसने यूक्रेन की अर्थव्यवस्था को निशाना बनाना शुरू कर दिया ताकि युद्ध की कठिन परिस्थितियों में लोगों को टिके रहने में मदद करने वाले संसाधनों को नष्ट किया जा सके।
2. नागरिक और व्यावसायिक बुनियादी ढांचे पर हमले:
जेलेंस्की के अनुसार, रूसी हमलों में निम्नलिखित महत्वपूर्ण जगहों और व्यवसायों को निशाना बनाया गया है:
खाद्य सामग्री के गोदाम, पेट्रोल पंप, दवा निर्माण और भंडारण से जुड़ी सुविधाएं।
आम यात्री ट्रेनें, रिहायशी इमारतें और नागरिक व्यवसाय।
अंतरराष्ट्रीय कंपनियों की संपत्तियां: पिछले कुछ दिनों में रूस ने एक भारतीय कारोबारी के स्वामित्व वाले स्टील कारखाने, सूरजमुखी तेल बनाने वाली एक अमेरिकी कंपनी और प्लंबिंग फिटिंग्स बनाने वाली एक पोलिश कंपनी पर भी हमले किए हैं।
ट्रकों की पार्किंग, बंदरगाह, शॉपिंग मॉल और ऊर्जा से जुड़े बुनियादी ढांचे।
3. सहयोगी देशों से सख्त कदम और प्रतिबंधों की मांग:
नैतिक और राजनीतिक निंदा: जेलेंस्की ने जोर दिया कि इन हमलों का जवाब सिर्फ उचित कार्रवाई से ही नहीं, बल्कि सहयोगी देशों द्वारा इनकी स्पष्ट नैतिक और राजनीतिक निंदा के जरिए भी दिया जाना चाहिए।
रूसी अरबपतियों (ओलिगार्क्स) पर शिकंजा: उन्होंने कहा कि युद्ध के लिए बजट देने वाली रूसी कंपनियों और राष्ट्रपति पुतिन के करीबी अरबपतियों को यह महसूस होना चाहिए कि दुनिया में ऐसी कोई जगह नहीं है जहाँ वे शांति से रह सकें।
प्रतिबंधों की निरंतरता: यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा कि प्रतिबंध ऐसे ही जारी रहने चाहिए ताकि रूसी कारोबारी अपने नेतृत्व पर दबाव डालें और युद्ध के साथ-साथ यूरोप के प्रति नफरत की नीति को समाप्त करने की मांग करें।
