रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट 2025: उत्तरी मोर्चे पर घटी चीनी सैनिकों की तैनाती, एलओसी और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों की कड़ी कार्रवाई
रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट 2025: उत्तरी मोर्चे पर घटी चीनी सैनिकों की तैनाती, एलओसी और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों की कड़ी कार्रवाई
रक्षा मंत्रालय की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 में भारत की सुरक्षा और सीमाओं से जुड़े मोर्चों पर कई अहम बदलाव देखने को मिले हैं। उत्तरी मोर्चे पर वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के पास चीनी सेना की तैनाती में कमी दर्ज की गई है, जबकि आंतरिक और सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा बलों ने आतंकवाद और तस्करी के खिलाफ कड़े कदम उठाए हैं।
1. उत्तरी मोर्चा और एलएसी पर स्थिति
चीनी सेना की तैनाती में कमी: वर्ष 2025 में एलएसी और पारंपरिक प्रशिक्षण क्षेत्रों में चीन की ओर से लगभग 10 संयुक्त हथियार ब्रिगेड के आकार की टुकड़ियां तैनात रहीं, जो पिछले वर्षों की तुलना में कम हैं।
भारत की मजबूत स्थिति: भारतीय सेना ने सभी क्षेत्रों में अपनी रणनीतिक और मजबूत तैनाती बरकरार रखी।
कूटनीतिक बातचीत: भारत और चीन के बीच राजनीतिक, कूटनीतिक और सैन्य स्तर (कोर कमांडर वार्ता और विशेष प्रतिनिधियों की बैठकें) पर निरंतर संवाद से सीमा पर स्थिरता बनाए रखने में मदद मिली।
2. नियंत्रण रेखा (एलओसी) और घुसपैठ विरोधी अभियान
घुसपैठ की कोशिशें और खात्मा: वर्ष 2025 के दौरान एलओसी पर आतंकियों द्वारा घुसपैठ की 6 कोशिशें की गईं, जिन्हें नाकाम करते हुए सुरक्षा बलों ने 12 पाकिस्तानी आतंकियों को ढेर कर दिया।
संघर्ष विराम उल्लंघन: एलओसी पर संघर्ष विराम उल्लंघन के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई और कुल 163 मामले दर्ज किए गए (इनमें से 124 मामले ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान के हैं), जबकि 2024 में ऐसे केवल दो मामले सामने आए थे।
रणनीति में बदलाव: सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, आतंकियों ने अब एलओसी के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) वाले क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करना शुरू किया है।
3. जम्मू-कश्मीर के भीतरी इलाकों में आतंकवाद विरोधी अभियान
वर्ष 2025 में आंतरिक सुरक्षा अभियानों के तहत सुरक्षा बलों ने 19 आतंकियों को मार गिराया।
मारे गए आतंकवादियों में लगभग 40 प्रतिशत (8 आतंकी) पाकिस्तानी नागरिक थे, जो जम्मू-कश्मीर में छद्म युद्ध को बढ़ावा देने में पाकिस्तान की संलिप्तता को स्पष्ट करते हैं।
4. ड्रोन और तस्करी का बढ़ता खतरा
ड्रोन घुसपैठ: वर्ष 2025 में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर ड्रोन घुसपैठ के कुल 863 मामले दर्ज किए गए—जिनमें जम्मू-कश्मीर में 9 तथा पंजाब और राजस्थान में 854 मामले शामिल हैं।
सुरक्षा बलों की कार्रवाई: स्पूफर और जैमर का प्रभावी इस्तेमाल करते हुए सुरक्षा बलों ने कुल 237 ड्रोन गिराए। इनमें से 5 ड्रोन युद्ध सामग्री, 72 ड्रोन मादक पदार्थ और 161 ड्रोन बिना किसी सामान के थे।
बरामदगी: सुरक्षा बलों ने अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास से 2 एके-47 राइफलें, 75 पिस्तौल और 281.41 किलोग्राम प्रतिबंधित सामग्री (ड्रग्स व अन्य सामान) बरामद की है, जिसे ड्रोन के जरिए पहुंचाए जाने की आशंका है। विशेष रूप से पंजाब सीमा पर इन गतिविधियों को लेकर कड़ी चौकसी बरती जा रही है।
