तरुण तेजपाल ने गोवा अदालत में किया आत्मसमर्पण: सुप्रीम कोर्ट से राहत न मिलने के बाद जेल भेजे गए ‘तहलका’ के संस्थापक
तरुण तेजपाल ने गोवा अदालत में किया आत्मसमर्पण: सुप्रीम कोर्ट से राहत न मिलने के बाद जेल भेजे गए ‘तहलका’ के संस्थापक
यौन उत्पीड़न के मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद ‘तहलका’ के संस्थापक-संपादक तरुण तेजपाल ने गोवा की अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया है, जिसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया है।
मामले से जुड़े मुख्य बिंदु:
सुप्रीम कोर्ट का निर्देश: इससे पहले 25 अगस्त को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने तरुण तेजपाल को दो हफ्ते के भीतर सरेंडर करने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने कहा था कि सरेंडर करने के बाद इस मामले की अगली सुनवाई 22 सितंबर को की जाएगी।
बॉम्बे हाईकोर्ट की सजा: यह पूरा मामला साल 2013 का है, जब गोवा के एक लग्जरी होटल की लिफ्ट में जूनियर सहयोगी के यौन उत्पीड़न का आरोप लगा था। हालांकि मई 2021 में मापुसा की सत्र अदालत ने सबूतों के अभाव में उन्हें बरी कर दिया था, लेकिन गोवा सरकार की अपील पर 6 अगस्त 2026 को बॉम्बे हाईकोर्ट ने निचली अदालत का फैसला पलटते हुए उन्हें दोषी करार दिया और 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी।
दोनों पक्ष पहुंचे सुप्रीम कोर्ट: हाईकोर्ट के फैसले के बाद तरुण तेजपाल ने 20 अगस्त को 10 साल की सजा को चुनौती दी, वहीं गोवा सरकार ने भी 18 अगस्त को अर्जी दाखिल कर दी गई सजा को और बढ़ाने की मांग की है।
