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बांग्लादेश में डेंगू का प्रकोप बेकाबू: सितंबर के पहले 13 दिनों में 52 मौतें, स्वास्थ्य सेवाओं पर मंडराया संकट

बांग्लादेश में डेंगू का प्रकोप बेकाबू: सितंबर के पहले 13 दिनों में 52 मौतें, स्वास्थ्य सेवाओं पर मंडराया संकट

​स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पड़ोसी देश बांग्लादेश में डेंगू का प्रकोप खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। सितंबर महीने के शुरुआती 13 दिनों में ही डेंगू संक्रमण से 52 लोगों की मौत हो चुकी है, जो इस साल अब तक एक महीने में दर्ज किया गया सबसे बड़ा आंकड़ा है।

​स्वास्थ्य मंत्रालय और डीजीएचएस के आंकड़े

​कुल मौतें और मामले: स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) के अनुसार, देश में डेंगू से मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 149 हो गई है। वहीं, रविवार तक कुल 51,837 मरीजों को अस्पतालों में भर्ती कराया जा चुका है।

​पूरे देश में प्रसार: प्रमुख अखबार ‘प्रोथोम आलो’ की रिपोर्ट के मुताबिक, मच्छर जनित यह बीमारी अब बांग्लादेश के सभी 64 जिलों में फैल चुकी है और हर दिन सैकड़ों नए मरीज सामने आ रहे हैं।

​मौतों में बढ़ोतरी के मुख्य कारण

​स्वास्थ्य विशेषज्ञों और डॉक्टरों के अनुसार, डेंगू से होने वाली मौतों में तेजी आने के पीछे प्रमुख रूप से निम्नलिखित कारण जिम्मेदार हैं:

​देरी से अस्पताल पहुंचना: कई मरीज अपनी हालत बेहद गंभीर होने के बाद जांच और इलाज के लिए अस्पताल पहुंचते हैं।

​गलत इलाज और जटिलताएं: विशेषज्ञों ने वायरल कारकों, मरीज की शारीरिक संवेदनशीलता और इलाज में आने वाली जटिलताओं को भी बड़ा कारण माना है।

​समन्वय की कमी: मीडिया रिपोर्ट्स में यह बात भी सामने आई है कि डेंगू की रोकथाम और प्रबंधन को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तालमेल की भारी कमी रही है।

​सरकार और विशेषज्ञों की चेतावनी

​आगे और बढ़ सकता है खतरा: बांग्लादेश के मत्स्य और पशुधन राज्य मंत्री सुल्तान सलाउद्दीन टुकू ने चेतावनी दी है कि आने वाले महीनों (विशेषकर सितंबर के अंत और अक्टूबर की शुरुआत में) में ढाका समेत कम से कम 15 जिलों में डेंगू की स्थिति और गंभीर हो सकती है।

​स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह: विशेषज्ञों ने प्राथमिक, माध्यमिक और तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं के त्रि-स्तरीय सिस्टम को मजबूत करके इलाज की गुणवत्ता सुधारने पर जोर दिया है, ताकि समय रहते मरीजों की जान बचाई जा सके।

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