उत्तराखंड चुनाव 2027: सीएम धामी का कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला, कहा—कांग्रेस बनी ‘नाराज फूफा’
उत्तराखंड चुनाव 2027: सीएम धामी का कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला, कहा—कांग्रेस बनी ‘नाराज फूफा’
उत्तराखंड में साल 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। सत्तारूढ़ दल बीजेपी और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के बीच जुबानी जंग लगातार तीखी होती जा रही है। हाल ही में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस पार्टी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर कड़ा प्रहार करते हुए उन्हें ‘नाराज फूफा’ करार दिया है।
मुख्यमंत्री धामी के बयान के मुख्य बिंदु:
’नाराज फूफा’ और भ्रम फैलाने का आरोप: सीएम धामी ने कहा कि कांग्रेस के पास अब कोई वास्तविक मुद्दा नहीं बचा है। यही वजह है कि राहुल गांधी ‘छात्रों की गूंज’ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से केवल झूठ और भ्रम फैलाने का असफल प्रयास कर रहे हैं। उनके कई दावे फैक्ट चेक में भी गलत साबित हो चुके हैं।
शुद्धिकरण प्रकरण पर सफाई: शुद्धिकरण के मुद्दे को जाति से जोड़ने के कांग्रेस के प्रयासों पर पलटवार करते हुए सीएम ने स्पष्ट किया कि वह आयोजन जिहादी नारों के विरोध में था और इसका जातिवाद से कोई लेना-देना नहीं था। उन्होंने यह भी बताया कि उस कार्यक्रम को आयोजित करने वाले लोग खुद अनुसूचित समाज से हैं, जिससे कांग्रेस का गढ़ा हुआ नैरेटिव बेनकाब हो गया है।
UIIDB और निवेश पर राजनीति: जमीनों के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘उत्तराखंड इंफ्रास्ट्रक्चर एंड इन्वेस्टमेंट डेवलपमेंट बोर्ड’ (UIIDB) पंजाब और गुजरात की तर्ज पर ही राज्य में निवेश बढ़ाने, आर्थिक गतिविधियों को गति देने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए बनाई गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासनकाल में जमीनें बिकती थीं, लेकिन अब राज्य में आ रहा निवेश और युवाओं के लिए बन रहे रोजगार कांग्रेस को रास नहीं आ रहे हैं।
13 हजार एकड़ सरकारी जमीन अतिक्रमण मुक्त: सीएम धामी ने कहा कि उनकी सरकार ने अब तक प्रदेश में करीब 13 हजार एकड़ अतिक्रमित सरकारी भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराया है, जिससे कांग्रेस को परेशानी हो रही है।
’उत्तराखंड की जमीन हरी घास नहीं’: बनभूलपुरा में अतिक्रमण के विषय पर कांग्रेस की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में कहा कि “उत्तराखंड की जमीन कोई हरी घास नहीं है कि कोई भी आए और चरकर चला जाए।” उन्होंने दोहराया कि देवभूमि के मूल स्वरूप और एक-एक इंच जमीन की रक्षा के लिए सरकार पूरी दृढ़ता से काम करती रहेगी।
