साउथ दिल्ली के सत्य निकेतन पीजी हादसा: दीवार तोड़ने और बेसमेंट में भारी मलबा भरने से ढही इमारत; 7 की मौत मामले में 3 आरोपी पुलिस रिमांड पर
साउथ दिल्ली के सत्य निकेतन पीजी हादसा: दीवार तोड़ने और बेसमेंट में भारी मलबा भरने से ढही इमारत; 7 की मौत मामले में 3 आरोपी पुलिस रिमांड पर
नई दिल्ली: दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में एक पीजी (PG) इमारत ढहने से हुई सात लोगों की मौत के मामले में पुलिस जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। दिल्ली पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि हादसे से ठीक पहले इमारत में बिना सुरक्षा मानकों के मरम्मत कार्य चल रहा था। दुकान बनाने के लिए एक मुख्य दीवार तोड़ने और बेसमेंट में तीन ट्रक मलबा भरने के कारण कमजोर हुआ ढांचा अचानक भरभराकर गिर गया।
1. बेसमेंट में मलबा और दीवार तोड़ने से कमजोर हुआ ढांचा
ठेकेदार का खुलासा: कासगंज से गिरफ्तार ठेकेदार सानोज कुमार ने पूछताछ में बताया कि मकान मालिक पक्ष के महेश गुप्ता ने उसे मरम्मत कार्य पर लगाया था। बेसमेंट को समतल करने के लिए उसमें लगभग तीन ट्रक मलबा डाला गया था।
दुकान बनाने की होड़ बनी वजह: जांच के अनुसार, हादसे वाले दिन ग्राउंड फ्लोर पर दुकान के लिए अतिरिक्त जगह निकालने के चक्कर में एक दीवार ढा दी गई। मलबे के भारी दबाव और दीवार हटने से इमारत की भार वहन क्षमता (Load Capacity) खत्म हो गई और पूरी चार मंजिला इमारत ढह गई।
2. जर्जर हालत की जानकारी के बावजूद चलाया जा रहा था PG
PG संचालक गिरफ्तार: पुलिस ने ‘Hostel Daze’ नाम से पीजी चलाने वाले संचालक सुधांशु लवनीश को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि यह चार मंजिला भवन अगस्त 2025 में 1.05 लाख रुपये प्रति माह पर किराये पर लिया गया था।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी: पुलिस के अनुसार, कम किराये के कारण जर्जर इमारत लेने वाले संचालक को इसके खतरे की जानकारी थी, लेकिन उसने छात्रों की सुरक्षा के लिए कोई कदम नहीं उठाया। मामले में उर्मिला गुप्ता, हरिराम गुप्ता और महेश गुप्ता समेत तीन मुख्य आरोपियों को कोर्ट ने 2 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है, जबकि शुभम त्यागी फरार है।
3. हादसे के बाद MCD का दिल्लीभर में बड़ा क्रैकडाउन
1,252 PG भवनों का सर्वे: हादसे के बाद हरकत में आए दिल्ली नगर निगम (MCD) ने अवैध और खतरनाक निर्माणों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया। निगम ने 7 से 9 सितंबर के बीच 1,252 पीजी भवनों की जांच की।
सील व तोड़फोड़ की कार्रवाई: आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, हालिया अभियानों में 1,053 अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाया गया, 491 संपत्तियां सील की गईं और हजारों नोटिस जारी किए गए। मुखर्जी नगर, करोल बाग, लक्ष्मी नगर और जामिया नगर जैसे छात्र बहुल इलाकों में कार्रवाई जारी है।
