Wednesday, September 9, 2026
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सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों का बड़ा हमला: 73 नागरिक घायल; पाकिस्तान ने दी त्रिपक्षीय रक्षा समझौते (SAFRI) के तहत कार्रवाई की चेतावनी, भारत ने भी की हमलों की कड़ी निंदा

सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों का बड़ा हमला: 73 नागरिक घायल; पाकिस्तान ने दी त्रिपक्षीय रक्षा समझौते (SAFRI) के तहत कार्रवाई की चेतावनी, भारत ने भी की हमलों की कड़ी निंदा

​इस्लामाबाद/नई दिल्ली: यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों द्वारा दक्षिणी सऊदी अरब के नागरिक क्षेत्रों और आर्थिक ठिकानों पर किए गए ताबड़तोड़ मिसाइल व ड्रोन हमलों के बाद पूरे पश्चिम एशिया में तनाव और गहरा गया है। इन हमलों में कम से कम 73 लोग घायल हुए हैं और अरामको के तेल ठिकानों में आग लगने से परिचालन अस्थायी रूप से प्रभावित हुआ है। जुलाई में युद्धविराम टूटने के बाद हूतियों का यह सबसे बड़ा हमला माना जा रहा है।

​1. पाकिस्तान की ‘नाटो’ शैली में चेतावनी (SAFRI समझौता)

​3 देशों का रक्षा समझौता: पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के बीच SAFRI (त्रिपक्षीय रक्षा समझौता) लागू है।

​’एक पर हमला, सब पर हमला’: आसिफ ने चेतावनी दी कि इस साझा रक्षा संधि (Joint Defense Pact) के तहत किसी एक सदस्य देश पर बाहरी हमला तीनों देशों पर हमला माना जाएगा।

​पाकिस्तान का रुख: यदि सऊदी अरब पर बाहरी आक्रामकता बढ़ती है, तो पाकिस्तान समझौते की धाराओं के तहत कार्रवाई करने के लिए “पाबंद” होगा। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल सऊदी अरब की ओर से आधिकारिक सैन्य सहायता की मांग नहीं की गई है।

​कूटनीतिक संतुलन (Tightrope Walking): ख्वाजा आसिफ ने यमन विवाद को गैर-राज्य तत्वों (Non-state actors) की साज़िश बताते हुए कहा कि पाकिस्तान, ईरान और खाड़ी देशों के साथ संतुलित संबंध बनाए रखना चाहता है और अमेरिका-ईरान के बीच कूटनीति के रास्ते बंद नहीं हुए हैं।

​2. हूती हमलों का दायरा और नुकसान

​निशाने पर प्रमुख ठिकाने: हूती विद्रोहियों ने आभा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, किंग खालिद एयर बेस और सऊदी अरामको (Aramco) के आभा व जिज़ान स्थित तेल संयंत्रों को निशाना बनाया।

​सऊदी अरब की प्रतिक्रिया: सऊदी विदेश मंत्रालय ने इसे अपनी संप्रभुता का खुला उल्लंघन बताते हुए कड़े जवाबी कदम उठाने की घोषणा की है। वहीं हूतियों का दावा है कि उन्होंने यह कार्रवाई सऊदी अरब द्वारा उनकी एक जेल पर किए गए हमले (जिसमें 11 मौतें हुईं) के विरोध में की है।

​3. भारत का आधिकारिक बयान (MEA का रुख)

​नागरिक व तेल ठिकानों पर हमले की निंदा: भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) के आधिकारिक प्रवक्ता ने बुधवार को बयान जारी कर सऊदी अरब के संप्रभु क्षेत्र और नागरिक बुनियादी ढाँचे पर हुए हमलों की कड़ी शब्दों में निंदा की।

​समुद्री मार्ग की सुरक्षा पर चिंता: भारत ने कहा कि क्षेत्रीय स्थिरता को चोट पहुँचाने वाले और बाब-अल-मंदेब (Bab-el-Mandeb) जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही की स्वतंत्रता के लिए खतरा पैदा करने वाले ऐसे हमले किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं हैं।

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