तिरुपति मंदिर में आय से अधिक संपत्ति का मामला, TTD अधिकारी के ठिकानों पर ACB की छापेमारी; करोड़ों की संपत्ति का खुलासा
तिरुपति मंदिर में आय से अधिक संपत्ति का मामला, TTD अधिकारी के ठिकानों पर ACB की छापेमारी; करोड़ों की संपत्ति का खुलासा
डिप्टी EO मेंडु लोकनाथम के खिलाफ केस दर्ज, सोना-चांदी और नकदी समेत कई संपत्तियों के दस्तावेज बरामद
तिरुपति। तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) से जुड़े एक अधिकारी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले ने मंदिर प्रशासन को फिर चर्चा में ला दिया है। आंध्र प्रदेश एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) ने TTD के डिप्टी एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (EO) मेंडु लोकनाथम के खिलाफ मामला दर्ज कर उनके और उनके रिश्तेदारों से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की।
ACB की कार्रवाई में करीब 5 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति का पता चलने का दावा किया गया है। जांच के दौरान सोना, चांदी, नकदी और अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
2 किलो सोना, 6.5 किलो चांदी और नकदी बरामद
ACB की तलाशी के दौरान करीब 2 किलो सोना, 6.5 किलो चांदी और 12.5 लाख रुपये नकद मिलने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा मकान और भूखंडों से जुड़े दस्तावेज भी जांच एजेंसी को मिले हैं।
अधिकारी के खिलाफ यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति के मामले में की गई है। मामले की जांच आगे जारी है।
कौन हैं मेंडु लोकनाथम?
मेंडु लोकनाथम तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम में डिप्टी एग्जीक्यूटिव ऑफिसर के पद पर तैनात हैं। इससे पहले वह TTD में कई महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
ACB की टीमों ने डीएसपी श्रीनिवास राव के नेतृत्व में उनके और उनके रिश्तेदारों से जुड़े कई ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया।
TTD से जुड़े अधिकारी पहले भी जांच के घेरे में आए
तिरुपति मंदिर से जुड़े अधिकारियों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति और वित्तीय अनियमितताओं के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। वर्ष 2016 में एजेंसी ने TTD के तत्कालीन डिप्टी एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर टी. भूपति रेड्डी के आवास पर तलाशी ली थी। उनके खिलाफ भी आय से अधिक संपत्ति के आरोपों में कार्रवाई हुई थी।
इसके अलावा अप्रैल 2023 में TTD के कर्मचारी सीवी रवि कुमार पर भी जांच एजेंसियों की नजर पड़ी थी। आरोपों की जांच के दौरान उसके लंबे समय तक मंदिर से जुड़ी चोरी में शामिल रहने की बात सामने आई थी। जांच में चेन्नई, तिरुपति और हैदराबाद में कथित तौर पर 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों का भी पता चलने की जानकारी सामने आई थी।
तिरुपति मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में मंदिर प्रशासन से जुड़े कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार या वित्तीय अनियमितताओं के मामले सामने आने से व्यवस्था और निगरानी को लेकर सवाल उठते रहे हैं।
