राजनीति

FCRA संशोधन विधेयक की समीक्षा के लिए JPC गठित, बीजेपी सांसद संजय जायसवाल होंगे अध्यक्ष

FCRA संशोधन विधेयक की समीक्षा के लिए JPC गठित, बीजेपी सांसद संजय जायसवाल होंगे अध्यक्ष

विदेशी अंशदान विनियमन (FCRA) संशोधन विधेयक, 2026 की जांच और समीक्षा के लिए संसद की संयुक्त संसदीय समिति (JPC) का गठन किया गया है। 31 सदस्यीय इस समिति की अध्यक्षता बीजेपी सांसद डॉ. संजय जायसवाल करेंगे। समिति में लोकसभा के 21 और राज्यसभा के 10 सदस्य शामिल हैं।

विधेयक के प्रावधानों की करेगी समीक्षा

JPC FCRA संशोधन विधेयक के विभिन्न प्रावधानों का अध्ययन करेगी और अपनी रिपोर्ट तथा सुझाव सरकार को सौंपेगी। प्रस्तावित विधेयक में सरकार को एक ‘नामित प्राधिकरण’ गठित करने का अधिकार देने का प्रावधान है।

यह प्राधिकरण उन मामलों में विदेशी अंशदान और उससे निर्मित परिसंपत्तियों का प्रबंधन अपने हाथ में ले सकेगा, जब किसी संगठन का FCRA पंजीकरण रद्द हो जाए, संगठन स्वेच्छा से पंजीकरण छोड़ दे या नवीनीकरण नहीं होने के कारण उसका पंजीकरण समाप्त हो जाए।

पूजा स्थलों को लेकर भी प्रावधान

विधेयक में प्रावधान किया गया है कि यदि संबंधित परिसंपत्ति कोई पूजा स्थल है, तो नामित प्राधिकरण उसके धार्मिक स्वरूप को बनाए रखना सुनिश्चित करेगा। इसके अलावा, नियमों के उल्लंघन पर अधिकतम सजा को पांच वर्ष के कारावास से घटाकर एक वर्ष करने का प्रस्ताव है।

JPC में लोकसभा के 21 सदस्य

समिति में लोकसभा से डॉ. संजय जायसवाल, भर्तुहरि महताब, तेजस्वी सूर्या, कमलेश जांगड़े, मुकेशकुमार चंद्रकांत दलाल, डॉ. निशिकांत दुबे, विष्णु दयाल राम, अनंता नायक, अरविंद धर्मपुरी, एंटो एंटनी, कैप्टन विरियाटो फर्नांडिस, मोहम्मद हमदुल्लाह सईद, काली चरण मुंडा, ज़िया उर रहमान, कल्याण बनर्जी, ए. राजा, लावु श्री कृष्ण देवरायालु, नरेश गणपत म्हस्के, कौशलेन्द्र कुमार, सुप्रिया सुले और ई. टी. मोहम्मद बशीर शामिल हैं।

राज्यसभा से 10 सांसद समिति में

राज्यसभा के सदस्यों में सी. सदानंदन मास्टर, हर्षवर्धन श्रृंगला, उज्ज्वल देवराव निकम, डॉ. अलका गुर्जर, सतपाल शर्मा, प्रफुल्ल पटेल, संजय कुमार झा, क्रिस्टोफर मानिकम, डॉ. मेनका गुरुस्वामी और पी. विल्सन शामिल हैं।

FCRA के तहत विदेशी फंड का आंकड़ा

गृह मंत्रालय के अनुसार, 2019 से 2022 के बीच 13,520 संगठनों को विदेशी अंशदान के रूप में 55,741 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। FCRA पोर्टल के अनुसार, 15 जुलाई 2026 तक 14,449 संगठनों के FCRA प्रमाणपत्र सक्रिय थे, जबकि 22,498 प्रमाणपत्र रद्द किए जा चुके थे और 15,212 प्रमाणपत्रों की अवधि समाप्त हो चुकी थी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *