उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर में बिना मान्यता चल रहे 4 मदरसे सील; हाई कोर्ट में याचिका दायर, 15 सितंबर को अगली सुनवाई
उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर में बिना मान्यता चल रहे 4 मदरसे सील; हाई कोर्ट में याचिका दायर, 15 सितंबर को अगली सुनवाई
बाजपुर (ऊधमसिंह नगर): उत्तराखंड में नई मदरसा शिक्षा व्यवस्था लागू होने के बाद प्रशासन ने बिना आवश्यक मान्यता एवं दस्तावेजों के संचालित संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में ऊधमसिंह नगर जिले के बाजपुर परगना क्षेत्र में आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत न करने पर 4 मदरसों को सील कर दिया गया है।
प्रशासनिक कार्रवाई और सील किए गए मदरसे
जिलाधिकारी नितिन भदौरिया के निर्देश पर एसडीएम बाजपुर ऋचा सिंह और कोतवाली निरीक्षक नरेश चौहान के नेतृत्व में सीलिंग की कार्रवाई की गई। निरीक्षण के दौरान मदरसा संचालक आवश्यक मान्यता पत्र नहीं दिखा सके। सील किए गए 4 मदरसे:
मदरसा जामिया हनफिया रजाउत उलूम (बाजपुर)
मदरसा गुलशने इस्लाम (कनोरा)
मदरसा जामिया फातिमा (बाजपुर)
मदरसा मोइनुल उलूम (मोहल्ला गांधीनगर, केलाखेड़ा-बाजपुर)
एसडीएम ऋचा सिंह ने बताया कि अन्य मदरसों की भी जांच जारी है और बिना मान्यता वाले संस्थानों के खिलाफ आगे भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
हाई कोर्ट में पहुंची नई व्यवस्था, 15 सितंबर को अगली सुनवाई
राज्य सरकार द्वारा लागू नई मान्यता प्रणाली के खिलाफ कुछ मदरसा संचालकों ने नैनीताल हाई कोर्ट का रुख किया है।
याचिकाकर्ताओं का तर्क: अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण व शिक्षा बोर्ड से मान्यता की अनिवार्यता के कारण कई संस्थानों को संचालन में दिक्कतें आ रही हैं।
अदालत का रुख: प्रारंभिक सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। इस मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी।
सरकार, प्रशासन और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग का रुख
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी: सीएम ने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड मदरसा शिक्षा बोर्ड को समाप्त कर ‘उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण’ का गठन इसलिए किया गया है ताकि बच्चों को धार्मिक शिक्षा के साथ-साथ गणित, विज्ञान, कंप्यूटर और कौशल विकास की आधुनिक मुख्यधारा से जोड़ा जा सके। जो संस्थान नियमों का पालन नहीं करेंगे, उन पर कार्रवाई तय है।
अल्पसंख्यक कल्याण सचिव (डॉ. पराग मधुकर धकाते): उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था का उद्देश्य गुणवत्ता, पारदर्शिता और आधुनिक पाठ्यक्रम सुनिश्चित करना है। सरकार हाई कोर्ट में अपना पक्ष मजबूती से रखेगी।
जिलाधिकारी (नितिन भदौरिया): उन्होंने बताया कि पूरे जिले में मानकों और नियमों के पालन की जांच का अभियान लगातार जारी रहेगा।
