Thursday, September 3, 2026
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मसूरी गोलीकांड की वर्षगांठ: सीएम धामी ने शहीद आंदोलनकारियों को दी श्रद्धांजलि; पेंशन वृद्धि और 10% आरक्षण सहित कई योजनाओं का किया जिक्र

मसूरी गोलीकांड की वर्षगांठ: सीएम धामी ने शहीद आंदोलनकारियों को दी श्रद्धांजलि; पेंशन वृद्धि और 10% आरक्षण सहित कई योजनाओं का किया जिक्र

​मसूरी/देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मसूरी के झूलाघर स्थित शहीद स्थल पर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। वर्ष 1994 के मसूरी गोलीकांड में शहीद हुए राज्य आंदोलनकारियों को नमन करते हुए सीएम ने कहा कि आंदोलनकारियों के संघर्ष, तप, त्याग और मातृशक्ति के योगदान से ही पृथक उत्तराखंड राज्य का सपना साकार हुआ है।

​राज्य आंदोलनकारियों व आश्रितों के लिए कल्याणकारी योजनाएं

​मुख्यमंत्री ने आंदोलनकारियों और उनके परिवारों के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाए गए प्रमुख कदमों का ब्योरा दिया:

​10% क्षैतिज आरक्षण: सरकारी नौकरियों में राज्य आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों को 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण (Horizontal Reservation) दिया जा रहा है। अब इसका दायरा बढ़ाकर चिह्नित आंदोलनकारियों की परित्यक्ता, विधवा और तलाकशुदा बेटियों को भी इसमें शामिल किया गया है।

​सरकारी नौकरियां व सुविधाएं: पहचान पत्र जारी करने के साथ 98 आंदोलनकारियों को राजकीय सेवा में समायोजित किया गया है। इसके अलावा, आंदोलनकारियों के अधिकतम दो बच्चों को मुफ्त शिक्षा और उत्तराखंड परिवहन की बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जा रही है।

​पेंशन में की गई बढ़ोतरी

​शहीद परिवारों की पेंशन: ₹3,000 से बढ़ाकर ₹5,500 प्रतिमाह।

​जेल गए व घायल आंदोलनकारी: ₹6,000 से बढ़ाकर ₹7,000 प्रतिमाह।

​सक्रिय आंदोलनकारी: ₹4,500 से बढ़ाकर ₹5,500 प्रतिमाह।

​पूर्णतः शय्याग्रस्त दिव्यांग आंदोलनकारी: ₹20,000 से बढ़ाकर ₹30,000 प्रतिमाह।

​राज्य सरकार की प्रमुख नीतियां और उपलब्धियां

​ऐतिहासिक कानून: प्रदेश की महिलाओं को 30% क्षैतिज आरक्षण, देश में सबसे पहले समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करना, सख्त नकल विरोधी कानून, कठोर भू-कानून, धर्मांतरण विरोधी और दंगा विरोधी कानून लागू किए गए हैं।

​रोजगार व विकास: बीते 5 वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी प्रक्रिया से सरकारी नौकरियां दी गई हैं। सरकार का मुख्य ध्येय पलायन रोकना और सीमांत क्षेत्रों तक सड़क, रेल, रोपवे व हवाई कनेक्टिविटी का विस्तार करना है।

 

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