उत्तराखंड: सीएम धामी ने 26 मदरसों को सौंपे मान्यता प्रमाण-पत्र; विकास प्राधिकरणों को 15 अक्टूबर तक सड़कें व सौंदर्यीकरण सुधारने का अल्टीमेटम
उत्तराखंड: सीएम धामी ने 26 मदरसों को सौंपे मान्यता प्रमाण-पत्र; विकास प्राधिकरणों को 15 अक्टूबर तक सड़कें व सौंदर्यीकरण सुधारने का अल्टीमेटम
देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को देहरादून स्थित आईआरडीटी सभागार में आयोजित ‘अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थान मान्यता प्रमाण-पत्र वितरण समारोह’ में प्रदेश के 26 अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों (मदरसों) को आधिकारिक मान्यता प्रमाण-पत्र प्रदान किए। इस दौरान सीएम धामी ने विकास प्राधिकरणों की समीक्षा बैठक लेते हुए अधिकारियों को मास्टर प्लान, सौंदर्यीकरण और अवैध निर्माण पर सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए।
1. 26 मदरसों को मान्यता: “परंपरा के साथ AI और साइंस भी जरूरी”
सीएम धामी ने देहरादून के 6, हरिद्वार के 19 और ऊधमसिंह नगर के 1 मदरसे सहित कुल 26 संस्थानों को मान्यता पत्र बांटे।
आधुनिक शिक्षा पर जोर: सीएम ने कहा कि परंपराएं अपनी जगह हैं, लेकिन वर्तमान युग ज्ञान-विज्ञान, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का है। बच्चों को व्यावहारिक व रोजगारपरक शिक्षा मिलना बेहद जरूरी है।
UCC व नीतियों पर सफाई: उन्होंने स्पष्ट किया कि समान नागरिक संहिता (UCC) या अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन किसी वर्ग को टारगेट करने के लिए नहीं, बल्कि सभी को समान अवसर देने के लिए किया गया है।
अतिक्रमण पर संदेश: सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने पर सीएम ने कहा कि वैध दस्तावेज, रजिस्ट्री व नक्शे वालों को परेशान नहीं किया जाएगा, लेकिन अवैध कब्जों पर कार्रवाई जारी रहेगी।
2. विकास प्राधिकरणों की समीक्षा: सीएम के कड़े निर्देश
मुख्यमंत्री आवास में आयोजित आवास विभाग की बैठक में सीएम ने विकास प्राधिकरणों (MDDA, HRDA आदि) को स्पष्ट निर्देश जारी किए:
15 अक्टूबर तक सौंदर्यीकरण का लक्ष्य: प्रदेश के शहरों में G20 समिट की तर्ज पर 15 अक्टूबर तक सौंदर्यीकरण का काम पूरा करने का अल्टीमेटम दिया गया है।
15 दिनों में दुरुस्त हों सड़कें: प्राधिकरण क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली सभी खराब सड़कों की मरम्मत व सुधार अगले 15 दिनों में पूरा करने के निर्देश दिए।
Illegal Construction Monitoring Dashboard: अवैध निर्माण रोकने के लिए GIS, सैटेलाइट और ड्रोन से निगरानी होगी। सभी प्राधिकरणों में डैशबोर्ड बनेगा, जिसमें सीलिंग व ध्वस्तीकरण की रियल-टाइम ट्रैकिंग होगी।
सिटी पार्क और पिंक टॉयलेट: शहरों में सिटी पार्क और महिलाओं के लिए पिंक टॉयलेट अनिवार्य किए गए हैं। अगली बैठक तक 70% लक्ष्य हासिल करने का निर्देश दिया गया।
पार्किंग समस्या का स्थायी समाधान: देहरादून व हरिद्वार में मल्टी-लेवल, सरफेस, पेरीफेरल और PPP मॉडल पर पार्किंग की ठोस कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
लैंड पूलिंग योजना: पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर 2 से 3 विकास क्षेत्रों में किसानों और भूमि मालिकों के लाभ को ध्यान में रखते हुए लैंड पूलिंग लागू की जाएगी।
सीएम ने चेतावनी दी कि योजनाओं व विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
