राम मंदिर ट्रस्ट की बड़ी बैठक: पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा बने CEO, स्वामी गोविंददेव गिरि को महामंत्री की जिम्मेदारी; वित्तीय आंकड़ों और तकनीक पर भी बड़े फैसले
राम मंदिर ट्रस्ट की बड़ी बैठक: पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा बने CEO, स्वामी गोविंददेव गिरि को महामंत्री की जिम्मेदारी; वित्तीय आंकड़ों और तकनीक पर भी बड़े फैसले
अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बुधवार को हुई महत्वपूर्ण बैठक में मंदिर के प्रशासनिक ढांचे में कई बड़े बदलाव किए गए हैं। भारतीय वायुसेना के सेवानिवृत्त उपाध्यक्ष एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को ट्रस्ट का नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया गया है। वहीं, ट्रस्ट के पदाधिकारियों की जिम्मेदारियों में फेरबदल करते हुए स्वामी गोविंददेव गिरि को महामंत्री का दायित्व सौंपा गया है।
1. नए CEO और पदाधिकारियों का चयन
एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा बने CEO: सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल से सम्मानित और वायुसेना में 39 वर्षों का अनुभव रखने वाले जितेंद्र मिश्रा शीघ्र ही CEO का पदभार संभालेंगे। उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में भी अहम भूमिका निभाई थी। जस्टिस (रिटायर्ड) प्रमोद कोहली की अध्यक्षता वाली चयन समिति ने करीब 5,500 आवेदनों की जांच और सैकड़ों साक्षात्कारों के बाद उनके नाम की अनुशंसा की।
नए न्यासी और कोषाध्यक्ष: रिक्त तीन पदों पर नए ट्रस्टियों की नियुक्ति की गई है:
महेश भागचंदका (नई दिल्ली) – इन्हें ट्रस्ट का नया कोषाध्यक्ष बनाया गया है।
मदन मोहन पांडे (अयोध्या) – वरिष्ठ अधिवक्ता, जिन्होंने 1990 से 2019 तक श्रीराम लला विराजमान की अदालत में पैरवी की।
डॉ. निर्मला यादव (शिकोहाबाद) – वरिष्ठ शिक्षाविद और पूर्व कॉलेज प्राचार्य।
2. चढ़ावे की नकद गणना में IIT और बैंकों की तकनीक का इस्तेमाल
राम मंदिर में आने वाली भारी नकद दान राशि की गिनती में मानवीय हस्तक्षेप को कम करने के लिए आधुनिक तकनीक लागू करने पर फैसला हुआ है। इसके लिए IIT और दो प्रमुख बैंकों से प्राप्त प्रस्तावों का मूल्यांकन किया जा रहा है, जिससे जल्द ही स्वचालित और पारदर्शी गणना व्यवस्था शुरू होगी।
3. SIT जांच और सुप्रीम कोर्ट के आदेश का स्वागत
बैठक में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर चल रही विशेष जांच दल (SIT) की जांच और सुप्रीम कोर्ट के हालिया रुख की समीक्षा की गई। ट्रस्ट ने सर्वोच्च न्यायालय के उस आदेश का स्वागत किया, जिसमें जांच का दायरा समय और विषय दोनों स्तरों पर व्यापक बनाया गया है। ट्रस्ट का कहना है कि इससे निष्पक्ष तथ्य सामने आएंगे और सभी भ्रम दूर होंगे।
4. वित्त वर्ष 2025-26 के वित्तीय आंकड़े स्वीकृत
बैठक में वित्त वर्ष 2025-26 के वार्षिक लेखों को भी मंजूरी दी गई:
कुल आय: ₹237 करोड़
कुल व्यय: ₹91 करोड़
पूंजीगत व्यय (निर्माण कार्य): ₹425 करोड़
31 मार्च 2026 तक उपलब्ध कुल कोष: ₹1,882 करोड़
