उत्तराखंड: नैनीताल जिले में भारी बारिश से नदी-नाले उफान पर, 4 लोगों की मौत और 47 सड़कें बाधित; कैंची धाम व हल्द्वानी में अलर्ट
उत्तराखंड: नैनीताल जिले में भारी बारिश से नदी-नाले उफान पर, 4 लोगों की मौत और 47 सड़कें बाधित; कैंची धाम व हल्द्वानी में अलर्ट
नैनीताल: नैनीताल जिले में बीते 24 घंटों के दौरान हुई भीषण बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार बारिश से जिले की प्रमुख नदियां और नाले उफान पर हैं, जबकि भूस्खलन के कारण 47 सड़कें बंद हो गई हैं। जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें राहत व बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं।
प्रमुख नदियां उफान पर
शिप्रा नदी: कैंची धाम क्षेत्र में शिप्रा नदी तेज बहाव के साथ बह रही है।
गौला नदी: हल्द्वानी में गौला नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
कोसी व दाबका नदी: रामनगर क्षेत्र में कोसी और दाबका नदियां खतरे के निशान के करीब उफान पर हैं।
कालसा नदी: पदमपुरी क्षेत्र में कालसा नदी में भी पानी का बहाव बेहद तेज हो गया है।
24 घंटे के बारिश के आंकड़े (मिलीमीटर में)
जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार दर्ज की गई बारिश:
स्नो व्यू (नैनीताल): 217 mm
हल्द्वानी-काठगोदाम: 166 mm
मुक्तेश्वर व चोरगलिया: 107.7 mm
कैंची धाम: 105 mm
खनस्यू: 92.5 mm
जनहानि और इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान
4 लोगों की मौत: आपदा रिपोर्ट के मुताबिक जिले में बारिश और हादसों के कारण अब तक 4 लोगों की जान जा चुकी है। 1 सितंबर को भीमताल में एक बच्ची की नाले में बहने से दर्दनाक मौत हो गई।
47 सड़कें बाधित: 3 राज्य मार्ग, 2 मुख्य जिला मार्ग, 1 अन्य जिला मार्ग और 41 ग्रामीण रास्ते मलबे के कारण बंद हैं, जिन्हें जेसीबी की मदद से खोलने का प्रयास किया जा रहा है।
भवन व पशु क्षति: जिले में 54 मकानों को आंशिक और 1 मकान को पूरी तरह नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा 2 मवेशियों की मौत और 3 गौशालाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं।
अल्चौना में 20 परिवार विस्थापित
नैनीताल तहसील के अल्चौना-पांडेछोर क्षेत्र में ककड़िया नाले में अचानक भारी मलबा और पानी आने से कई घर और गौशालाएं प्रभावित हुईं। प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए प्रभावित 20 परिवारों को उनके मवेशियों के साथ गांव में ही सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिजली और पेयजल आपूर्ति फिलहाल सामान्य है, लेकिन नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी गई है।
