उत्तराखंड

हल्द्वानी शुद्धीकरण विवाद पर घमासान, BJP का कांग्रेस पर पलटवार; खजानदास बोले- ‘दलित अपमान का झूठ फैला रही कांग्रेस’

हल्द्वानी शुद्धीकरण विवाद पर घमासान, BJP का कांग्रेस पर पलटवार; खजानदास बोले- ‘दलित अपमान का झूठ फैला रही कांग्रेस’

राहुल गांधी के हमले के बाद उत्तराखंड BJP ने संभाला मोर्चा, कैबिनेट मंत्री खजानदास ने कहा- शुद्धीकरण कार्यक्रम से भाजपा का कोई लेना-देना नहीं

हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यक्रम स्थल के कथित शुद्धीकरण को लेकर उत्तराखंड की सियासत गरमा गई है। 29 अगस्त को राहुल गांधी के बीजेपी पर निशाना साधने के बाद अब उत्तराखंड बीजेपी ने कांग्रेस पर पलटवार किया है। देहरादून स्थित प्रदेश बीजेपी मुख्यालय में कैबिनेट मंत्री खजानदास ने प्रेस वार्ता कर पार्टी का पक्ष रखा।

‘दलित अपमान का झूठ फैला रही कांग्रेस’

खजानदास ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मुस्लिम तुष्टिकरण से जुड़े सवालों से बचने के लिए कांग्रेस जातीय राजनीति को ढाल बना रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस दलित अपमान का झूठ फैलाकर उत्तराखंड की सामाजिक एकता और देवभूमि की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रही है।

‘शुद्धीकरण कार्यक्रम से BJP का कोई संबंध नहीं’

बीजेपी नेता ने कहा कि जिस शुद्धीकरण कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस सवाल उठा रही है, उसका आयोजन श्रीराम सेना धर्मार्थ न्यास नाम की सामाजिक संस्था ने किया था। उनके मुताबिक संस्था के पदाधिकारी स्वयं स्पष्ट कर चुके हैं कि उसका बीजेपी से कोई संबंध नहीं है। ऐसे में कार्यक्रम को सीधे बीजेपी से जोड़ना कांग्रेस की राजनीतिक हताशा को दर्शाता है।

‘कार्यक्रम के पीछे दलित विरोधी भावना नहीं’

खजानदास ने कहा कि संबंधित संस्था ने यह भी स्पष्ट किया है कि कार्यक्रम के पीछे किसी तरह की दलित विरोधी भावना नहीं थी। संस्था के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली में लगाए गए कथित इस्लामिक नारों और कथित हिंदू विरोधी तत्वों की मौजूदगी के विरोध में यह कार्यक्रम किया गया था।

धार्मिक नारों को लेकर कांग्रेस से सवाल

कैबिनेट मंत्री ने कांग्रेस पर वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए सवाल किया कि रामलीला मंच से जुड़े विवाद में कथित तौर पर लगाए गए धार्मिक नारों को लेकर कांग्रेस नेता चुप क्यों हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस धार्मिक और सामाजिक घटनाओं को राजनीतिक विवाद का रूप देने की कोशिश कर रही है।

राहुल गांधी के बयान पर भी पलटवार

राहुल गांधी की ओर से दलित सम्मान और सामाजिक भेदभाव को लेकर दिए गए बयानों पर खजानदास ने कांग्रेस के इतिहास पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को दूसरों पर दलित विरोधी होने का आरोप लगाने से पहले अपने अतीत का जवाब देना चाहिए।

आंबेडकर और भारत रत्न का मुद्दा उठाया

खजानदास ने डॉ. भीमराव आंबेडकर की चुनावी हार और उन्हें भारत रत्न दिए जाने में हुई देरी का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासनकाल में आंबेडकर को भारत रत्न नहीं दिया गया, जबकि बाद में 1990 में उन्हें यह सम्मान मिला। बीजेपी नेता ने कहा कि आज आंबेडकर के नाम पर राजनीति करने वाली कांग्रेस को अपने इतिहास का जवाब देना चाहिए।

यशपाल आर्य के पुराने विवाद का जिक्र

बीजेपी नेता ने उत्तराखंड कांग्रेस से जुड़े एक पुराने विवाद का भी हवाला दिया। उन्होंने दावा किया कि जब नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य कांग्रेस छोड़कर गए थे, तब कथित तौर पर उनकी तस्वीर को जमीन पर पटककर कांग्रेस भवन से बाहर फेंका गया था। खजानदास ने इसे कांग्रेस के दलित सम्मान के दावों के संदर्भ में सवालों से जोड़ते हुए निशाना साधा।

रुद्रपुर की कथित धमकी पर भी घेरा

खजानदास ने रुद्रपुर में एक मौलाना की ओर से दी गई कथित धमकी के मुद्दे पर भी कांग्रेस को घेरा। उन्होंने सवाल किया कि कांग्रेस इस मामले पर खुलकर विरोध क्यों नहीं कर रही है। बीजेपी नेता ने कांग्रेस से स्पष्ट करने को कहा कि क्या उसकी राजनीति वोट बैंक के दबाव में इतनी मजबूर हो गई है कि वह कथित धमकी और भय की राजनीति के खिलाफ भी आवाज नहीं उठा पा रही।

‘सामाजिक सौहार्द मजबूत करे कांग्रेस’

खजानदास ने कांग्रेस से भ्रम फैलाने की राजनीति से ऊपर उठकर उत्तराखंड में भाईचारे, शांति और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने की अपील की। उन्होंने कहा कि बीजेपी जाति, धर्म या वर्ग के आधार पर समाज को बांटने की राजनीति का समर्थन नहीं करती। वहीं, हल्द्वानी का यह विवाद अब आने वाले दिनों में उत्तराखंड की सियासत में और तूल पकड़ सकता है।

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