सज्जन कुमार की मौत पर सियासी घमासान, तीन BJP सांसदों के घर जाने पर मचा विवाद
सज्जन कुमार की मौत पर सियासी घमासान, तीन BJP सांसदों के घर जाने पर मचा विवाद
नई दिल्ली। 1984 के सिख विरोधी दंगों के दोषी पूर्व कांग्रेस नेता सज्जन कुमार की मौत के बाद शुरू हुआ राजनीतिक विवाद अब भारतीय जनता पार्टी तक पहुंच गया है। सज्जन कुमार के निधन पर कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा के शोक जताने को लेकर पहले कांग्रेस को भाजपा के हमलों का सामना करना पड़ा था। अब उनके घर जाकर शोक व्यक्त करने वाले भाजपा के तीन सांसद भी आलोचनाओं के घेरे में आ गए हैं।
तीन BJP सांसदों ने घर जाकर जताया शोक
सज्जन कुमार का 20 अगस्त को 80 वर्ष की उम्र में निधन हो गया था। इसके बाद शुक्रवार को पश्चिमी दिल्ली की सांसद कमलजीत सहरावत, दक्षिणी दिल्ली के सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी और उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के सांसद योगेंद्र चंदोलिया उनके घर पहुंचे और शोक व्यक्त किया।
मामला सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद बढ़ गया। आम आदमी पार्टी और सिख संगठनों ने भाजपा सांसदों के इस कदम की आलोचना की।
BJP अध्यक्ष ने तीनों सांसदों को किया तलब
विवाद बढ़ने के बाद भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने तीनों सांसदों को तलब किया। उन्होंने साफ कहा कि सांसदों को सज्जन कुमार के घर नहीं जाना चाहिए था।
इस घटनाक्रम के बाद भाजपा के सामने भी यह सवाल खड़ा हो गया है कि 1984 के दंगों के दोषी नेता के घर सांसदों का जाना राजनीतिक रूप से उचित था या नहीं।
AAP ने साधा BJP पर निशाना
आम आदमी पार्टी के नेता बलतेज पन्नू ने आरोप लगाया कि भाजपा के तीन सांसद सज्जन कुमार के अंतिम भोग में शामिल हुए। दिल्ली आप अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने भी सोशल मीडिया पर भाजपा सांसदों को लेकर तीखी टिप्पणी की और उन पर 1984 दंगों के दोषी के प्रति सहानुभूति रखने का आरोप लगाया।
HS फूलका ने भी की आलोचना
1984 के सिख दंगा मामलों में लंबी कानूनी लड़ाई लड़ने वाले भाजपा नेता एचएस फूलका ने भी तीनों सांसदों के सज्जन कुमार के घर जाने की निंदा की। उन्होंने कहा कि सहानुभूति दंगों के पीड़ितों और उनके परिवारों के प्रति होनी चाहिए। उन्होंने भाजपा से तीनों सांसदों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की।
सिख संगठनों में भी नाराजगी
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका ने भी इस घटना पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि सज्जन कुमार 1984 के दंगों में दोषी पाए गए थे और उनके घर भाजपा सांसदों का जाना सिख समाज में रोष पैदा करने वाला है।
कमेटी के महासचिव जगदीप सिंह कहलों ने भी भाजपा से इस मामले में संज्ञान लेकर सांसदों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
कांग्रेस भी पहले घिर चुकी है
दरअसल, सज्जन कुमार की मौत के बाद कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने उन्हें श्रद्धांजलि दी थी। इसको लेकर कांग्रेस के भीतर और पंजाब के नेताओं की ओर से भी उनकी आलोचना हुई थी। भाजपा ने भी हुड्डा के बयान पर कांग्रेस को घेरा था।
अब भाजपा के तीन सांसदों के सज्जन कुमार के घर जाने के बाद कांग्रेस को भाजपा पर पलटवार करने का मौका मिल गया है।
कांग्रेस ने किया भाजपा सांसदों का बचाव
दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने भाजपा सांसदों का बचाव करते हुए कहा कि यह एक पारिवारिक मामला है और निजी रिश्तों का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में राजनीति नहीं होनी चाहिए।
इस पूरे विवाद ने एक बार फिर 1984 के सिख विरोधी दंगों और सज्जन कुमार की भूमिका को लेकर राजनीतिक बहस तेज कर दी है। कांग्रेस और भाजपा दोनों ही इस मुद्दे पर एक-दूसरे को घेर रही हैं।
