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मणिपुर के नोनी में फिर भड़की हिंसा, दो उग्रवादी गुटों में ताबड़तोड़ फायरिंग; 1 की मौत, 5 घायल

मणिपुर के नोनी में फिर भड़की हिंसा, दो उग्रवादी गुटों में ताबड़तोड़ फायरिंग; 1 की मौत, 5 घायल

मणिपुर के नोनी जिले में एक बार फिर हिंसा की घटना सामने आई है। खुमजी इलाके में दो प्रतिद्वंद्वी उग्रवादी गुटों के बीच हुई गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत की खबर है, जबकि पांच अन्य लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है।

दो गुटों के बीच घंटों चली गोलीबारी

जानकारी के मुताबिक, खुमजी के दूरदराज और जंगल वाले इलाके में ZUF-J और ZUF-K गुटों के बीच भिड़ंत हुई। दोनों गुटों के बीच प्रभाव और क्षेत्रीय नियंत्रण को लेकर लंबे समय से तनाव बताया जा रहा है, जो एक बार फिर हिंसक संघर्ष में बदल गया।

जंगलों में सुनाई देती रही गोलियों की आवाज

स्थानीय लोगों के अनुसार, खुमजी के आसपास के जंगलों में काफी देर तक गोलीबारी की आवाजें सुनाई देती रहीं। संघर्ष आबादी वाले क्षेत्र से दूर होने के कारण बड़े पैमाने पर नागरिक नुकसान की जानकारी सामने नहीं आई है।

दुर्गम इलाके ने बढ़ाई सुरक्षा बलों की चुनौती

घटनास्थल घने जंगल और पहाड़ी क्षेत्र में है। खराब भौगोलिक परिस्थितियों के कारण सुरक्षा बलों को मौके तक पहुंचने में मुश्किल का सामना करना पड़ा। इसी वजह से हताहतों की संख्या को लेकर भी अभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।

आधिकारिक आंकड़ों की पुष्टि का इंतजार

स्थानीय सूत्रों ने एक व्यक्ति की मौत और पांच लोगों के घायल होने की जानकारी दी है, लेकिन अधिकारियों की ओर से अभी तक हताहतों के आंकड़े की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। सुरक्षा एजेंसियां घटनास्थल तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं।

पुरानी वर्चस्व की लड़ाई फिर बनी वजह

जानकारों के मुताबिक, इस इलाके में विभिन्न नागा संगठनों के बीच प्रभाव और नियंत्रण को लेकर लंबे समय से तनाव रहा है। इसी पुरानी दुश्मनी के चलते दोनों गुटों के बीच फिर से टकराव होने की आशंका जताई जा रही है।

2011 में हुआ था ZUF का गठन

जेलियांगरोंग यूनाइटेड फ्रंट यानी ZUF का गठन 2011 में हुआ था। संगठन जेलियांगरोंग समुदाय की भूमि और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ-साथ जेलियांगरोंग क्षेत्रों को एक प्रशासनिक ढांचे के तहत लाने की मांग करता रहा है।

संघर्ष की असली वजह अभी साफ नहीं

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ताजा गोलीबारी की तत्काल वजह क्या थी और इसमें कितने लोग शामिल थे। सुरक्षा एजेंसियां घटनास्थल और पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाने में लगी हैं।

नोनी में बढ़ी सतर्कता

गोलीबारी की घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों की चुनौती बढ़ गई है। दुर्गम जंगल और पहाड़ी इलाका होने के कारण अभियान को सावधानी के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। अब आधिकारिक जांच और सुरक्षा बलों की रिपोर्ट से ही घटना की पूरी तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।

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