एवरेस्ट और लालजी गोधू की मिश्रित हींग पर FSSAI की बड़ी कार्रवाई, बिक्री और वितरण पर देशभर में रोक
एवरेस्ट और लालजी गोधू की मिश्रित हींग पर FSSAI की बड़ी कार्रवाई, बिक्री और वितरण पर देशभर में रोक
नई दिल्ली: भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने खाद्य गुणवत्ता को लेकर बड़ी कार्रवाई करते हुए मसाला ब्रांड एवरेस्ट और लालजी गोधू एंड कंपनी की कम्पाउंडेड यानी मिश्रित हींग की बिक्री और वितरण पर देशभर में रोक लगा दी है। यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत की गई है।
FSSAI के मुताबिक, दोनों कंपनियों के हींग उत्पाद जांच के दौरान निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे। हालांकि, यह प्रतिबंध केवल संबंधित हींग उत्पादों पर लागू है। कंपनियों के अन्य मसाला उत्पादों पर कोई रोक नहीं लगाई गई है।
उपभोक्ता की शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
मामले की शुरुआत एक उपभोक्ता की ओर से हींग की गुणवत्ता को लेकर शिकायत किए जाने के बाद हुई। शिकायत मिलने पर FSSAI ने बाजार में उपलब्ध विभिन्न ब्रांडों की हींग के नमूने लेकर जांच शुरू की।
शुरुआती प्रयोगशाला परीक्षण में एवरेस्ट और लालजी गोधू की कम्पाउंडेड हींग निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई। इसके बाद दोनों कंपनियों की मुंबई स्थित केंद्रीय लाइसेंस प्राप्त निर्माण इकाइयों से नमूने लेकर विस्तृत जांच कराई गई। गुजरात के उमरगांव स्थित एवरेस्ट की एक अन्य इकाई से भी राज्य खाद्य सुरक्षा विभाग के सहयोग से सैंपल लिए गए।
असली हींग की मात्रा मानक से काफी कम
खाद्य सुरक्षा नियमों के अनुसार कम्पाउंडेड हींग में कम से कम 5 प्रतिशत अल्कोहल-सॉल्युबल एक्सट्रैक्ट होना जरूरी है। इसे उत्पाद में असली हींग की मौजूदगी का प्रमुख संकेतक माना जाता है।
जांच में दोनों कंपनियों के उत्पादों में यह मात्रा 0 से 3 प्रतिशत के बीच पाई गई। यानी उत्पाद निर्धारित मानक से काफी नीचे था।
लालजी गोधू की शुद्ध हींग में भी मिली गड़बड़ी
जांच के दौरान लालजी गोधू एंड कंपनी की इकाई से प्राप्त शुद्ध हींग की छह अलग-अलग किस्मों के नमूनों की भी जांच की गई। नियमों के मुताबिक शुद्ध हींग में स्टार्च की मात्रा 1 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए।
हालांकि, प्रयोगशाला परीक्षण में इन नमूनों में स्टार्च की मात्रा 15 से 32 प्रतिशत तक पाई गई। यह निर्धारित सीमा से कई गुना अधिक थी।
कंपनियों से जवाब मांगा
गंभीर गुणवत्ता संबंधी कमियां सामने आने के बाद FSSAI ने दोनों कंपनियों की कम्पाउंडेड हींग की बिक्री और वितरण पर देशभर में रोक लगाने का आदेश दिया है। साथ ही कंपनियों से यह बताने को कहा गया है कि कमियों को दूर करने के लिए वे क्या कदम उठा रही हैं।
प्राधिकरण ने बाजार में उपलब्ध संबंधित बैचों को स्वेच्छा से वापस मंगाने पर विचार करने की सलाह भी दी है।
दूसरे मसालों पर नहीं लगा प्रतिबंध
FSSAI ने स्पष्ट किया है कि कार्रवाई केवल कम्पाउंडेड हींग तक सीमित है। एवरेस्ट और लालजी गोधू के अन्य मसाला उत्पादों पर इस आदेश के तहत कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है।
प्राधिकरण ने उपभोक्ताओं से खाद्य उत्पाद खरीदते समय लेबल, लाइसेंस और गुणवत्ता संबंधी जानकारी ध्यान से देखने तथा किसी संदिग्ध उत्पाद की शिकायत संबंधित अधिकारियों से करने की अपील की है।
