उत्तराखंडराजनीति

हल्द्वानी ‘शुद्धिकरण’ विवाद पर राहुल गांधी का बड़ा हमला, बोले- ‘तुरंत दर्ज हो FIR’

हल्द्वानी ‘शुद्धिकरण’ विवाद पर राहुल गांधी का बड़ा हमला, बोले- ‘तुरंत दर्ज हो FIR’

खरगे की रैली के बाद मंच के कथित शुद्धिकरण को राहुल गांधी ने बताया छुआछूत, 20 दिन बाद भी FIR नहीं होने पर जताई नाराजगी

नई दिल्ली, 29 अगस्त। हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद मंच के कथित ‘शुद्धिकरण’ को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस मामले में तत्काल FIR दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह घटना छुआछूत और दलितों के सम्मान से जुड़ा गंभीर मामला है।

20 दिन बाद भी FIR नहीं, राहुल ने उठाए सवाल

राहुल गांधी ने कहा कि घटना के करीब 20 दिन बाद भी FIR दर्ज नहीं हुई है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की कि मामले में SC-ST एक्ट के तहत कार्रवाई के आदेश दिए जाएं। राहुल ने कहा कि यह केवल कांग्रेस अध्यक्ष का अपमान नहीं, बल्कि देश के हर दलित के सम्मान से जुड़ा मामला है।

‘शुद्धिकरण’ को बताया छुआछूत

इंदिरा भवन में पत्रकार वार्ता के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि हल्द्वानी में 8 अगस्त को मल्लिकार्जुन खरगे की रैली हुई थी और 10 अगस्त को भाषण मंच का कथित शुद्धिकरण किया गया। उन्होंने इसे छुआछूत का प्रतीक बताते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं दलितों के प्रति भेदभावपूर्ण मानसिकता को दर्शाती हैं।

BJP-RSS की विचारधारा पर निशाना

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि यह घटना भाजपा और आरएसएस की मानसिकता को सामने लाती है। उन्होंने कहा कि एक तरफ प्रधानमंत्री खुद को हर जाति का बताते हैं, लेकिन दूसरी तरफ भाजपा के उत्तराखंड अध्यक्ष महेंद्र भट्ट द्वारा कथित शुद्धिकरण को सही ठहराया जाना गंभीर सवाल खड़े करता है।

‘बड़े नेता के साथ ऐसा तो आम दलित का क्या?’

राहुल गांधी ने कहा कि जब देश के एक वरिष्ठ दलित नेता के साथ खुले तौर पर ऐसी घटना हो सकती है, तो आम दलितों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस मामले को लेकर पीछे हटने वाली नहीं है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग जारी रखेगी।

मोदी और मायावती की चुप्पी पर सवाल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बसपा प्रमुख मायावती की कथित चुप्पी को लेकर पूछे गए सवाल पर राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री की चुप्पी उनकी वैचारिक सोच को दर्शाती है। हालांकि, उन्होंने कहा कि उन्हें किसी के बयान से ज्यादा कानूनी कार्रवाई में दिलचस्पी है।

राजस्थान और बिहार के उदाहरण गिनाए

राहुल गांधी ने राजस्थान के नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी से जुड़े कथित मंदिर शुद्धिकरण के मामलों का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि दलित व्यक्ति जितना सफल होता है, उस पर उतनी ही ताकत से हमला किया जाता है।

संविधान बनाम मनुस्मृति का मुद्दा

पत्रकार वार्ता के दौरान राहुल गांधी ने स्क्रीन पर संविधान और मनुस्मृति की प्रतियां दिखाईं। उन्होंने कहा कि देश में दो विचारधाराओं के बीच लड़ाई चल रही है—एक तरफ संविधान और दूसरी तरफ भाजपा-आरएसएस की विचारधारा।

दलितों के साथ भेदभाव का आरोप

राहुल गांधी ने देश में दलितों के साथ होने वाले कथित भेदभाव के कई उदाहरण गिनाए। उन्होंने स्कूलों, सार्वजनिक स्थानों और सामाजिक आयोजनों में दलितों के साथ भेदभाव किए जाने का आरोप लगाया और कहा कि संविधान लागू होने के बावजूद ऐसी घटनाएं पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं।

कांग्रेस ने कार्रवाई की मांग तेज की

कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम ने भी दलितों और आदिवासियों के साथ कथित भेदभाव का मुद्दा उठाया। हल्द्वानी के ‘शुद्धिकरण’ विवाद को लेकर अब कांग्रेस लगातार कार्रवाई की मांग कर रही है, जबकि बीजेपी पहले ही इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने का आरोप लगा चुकी है। ऐसे में यह विवाद उत्तराखंड की सियासत में आने वाले दिनों में और गरमाने के आसार हैं।

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