उत्तराखंड

हर्रावाला आयुर्वेद विश्वविद्यालय में छात्रों का प्रदर्शन खत्म, 10 दिन में रिजल्ट जारी करने का लिखित आश्वासन

हर्रावाला आयुर्वेद विश्वविद्यालय में छात्रों का प्रदर्शन खत्म, 10 दिन में रिजल्ट जारी करने का लिखित आश्वासन

डोईवाला: उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय, हर्रावाला में लंबित परीक्षा परिणाम और समय पर परीक्षाएं नहीं होने के विरोध में छात्रों का करीब 12 घंटे चला प्रदर्शन देर रात खत्म हो गया। बीएएमएस (BAMS) और बीयूएमएस (BUMS) के छात्रों ने सोमवार को विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन किया और कुछ छात्र पानी की टंकी पर चढ़ गए थे।

छात्रों का आरोप था कि उनका शैक्षणिक सत्र करीब 6 से 8 महीने पीछे चल रहा है। परीक्षा और रिजल्ट में देरी के कारण उनकी इंटर्नशिप और आगे की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। छात्रों का कहना था कि कई बार विश्वविद्यालय प्रशासन को ज्ञापन देने के बावजूद उन्हें केवल आश्वासन मिला, लेकिन समस्याओं का समाधान नहीं हुआ।

12 घंटे चला प्रदर्शन

सोमवार को नाराज छात्रों ने पहले विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर धरना दिया। जब उनकी मांगों पर तत्काल कार्रवाई नहीं हुई तो कुछ छात्र पानी की ऊंची टंकी पर चढ़ गए। प्रशासन और पुलिस की टीम ने छात्रों को नीचे उतरने के लिए समझाने का प्रयास किया।

प्रदर्शन के दौरान कुछ छात्रों के ज्वलनशील पदार्थ लेकर टंकी पर चढ़ने की भी सूचना सामने आई। स्थिति को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उन्हें शांत कराने का प्रयास जारी रखा।

वीसी के लिखित आश्वासन के बाद माने छात्र

काफी देर तक चले गतिरोध के बाद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अरुण कुमार त्रिपाठी की ओर से छात्रों को लिखित आश्वासन दिया गया। इसमें कहा गया कि:

सभी लंबित परीक्षा परिणाम 10 दिनों के भीतर जारी किए जाएंगे।

अगली परीक्षाओं का टाइम टेबल एक सप्ताह के भीतर जारी किया जाएगा।

देरी से चल रहे शैक्षणिक सत्र को पूरा करने के लिए अतिरिक्त कक्षाएं संचालित की जाएंगी।

लिखित आश्वासन मिलने के बाद रात करीब 1 बजे सभी छात्र पानी की टंकी से सुरक्षित नीचे उतर आए और प्रदर्शन समाप्त कर दिया।

छात्रों ने कहा- कई महीने पीछे चल रहा है सत्र

छात्रों का कहना है कि परीक्षा और परिणामों में लगातार देरी से उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है। उनका शैक्षणिक सत्र कई महीने पीछे चल रहा है, जिसका असर इंटर्नशिप और आगे की पढ़ाई पर पड़ सकता है।

पुलिस और प्रशासन की लगातार बातचीत के बाद आखिरकार विश्वविद्यालय प्रशासन को लिखित आश्वासन देना पड़ा। इसके बाद छात्रों ने आंदोलन समाप्त कर दिया। फिलहाल विश्वविद्यालय की ओर से दिए गए आश्वासनों को निर्धारित समय में पूरा करना अगली बड़ी चुनौती होगी।

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