हरिद्वार में ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ पर संत समागम को लेकर कांग्रेस का बीजेपी पर हमला, बोली- धार्मिक मंच का राजनीतिक इस्तेमाल हुआ
हरिद्वार में ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ पर संत समागम को लेकर कांग्रेस का बीजेपी पर हमला, बोली- धार्मिक मंच का राजनीतिक इस्तेमाल हुआ
हरिद्वार: ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ को लेकर हरिद्वार में आयोजित संत समागम के बाद कांग्रेस ने बीजेपी पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा ने प्रेस वार्ता कर आरोप लगाया कि बीजेपी ने साधु-संतों के मंच का राजनीतिक इस्तेमाल करते हुए अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने की कोशिश की।
आलोक शर्मा ने कहा कि कांग्रेस साधु-संतों और धर्माचार्यों का सम्मान करती है, लेकिन धार्मिक आयोजनों को राजनीतिक प्रचार का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने संत समाज से अपील की कि ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले संबंधित रिपोर्ट और दस्तावेजों का अध्ययन करें।
कांग्रेस ने संघीय ढांचे पर जताई चिंता
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि एक साथ चुनाव कराना केवल चुनावी खर्च कम करने का मुद्दा नहीं है। इसका असर देश के संघीय ढांचे, क्षेत्रीय दलों और सरकारों की जवाबदेही पर भी पड़ सकता है।
उन्होंने सवाल उठाया कि अगर किसी राज्य में चुनाव के बाद सरकार अपना कार्यकाल पूरा होने से पहले गिर जाती है तो ऐसी स्थिति में राष्ट्रपति शासन की संभावना बढ़ सकती है। उनके मुताबिक, इससे केंद्र की शक्तियां राज्यों की तुलना में अधिक मजबूत होने का रास्ता खुल सकता है।
‘राष्ट्रीय मुद्दे स्थानीय मुद्दों पर हावी हो सकते हैं’
आलोक शर्मा ने कहा कि भारत विविधताओं वाला देश है और अलग-अलग राज्यों तथा क्षेत्रों की समस्याएं अलग हैं। नगर निकाय, विधानसभा और लोकसभा चुनावों में मतदाताओं के सामने अलग-अलग मुद्दे होते हैं।
उन्होंने कहा कि यदि सभी चुनाव एक साथ होते हैं तो राष्ट्रीय मुद्दे स्थानीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर हावी हो सकते हैं। इसका असर छोटे और क्षेत्रीय दलों पर भी पड़ सकता है।
जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही पर भी सवाल
कांग्रेस नेता ने कहा कि अलग-अलग चुनाव होने पर जनता पार्षद, विधायक और सांसद के कामकाज का अलग-अलग मूल्यांकन कर सकती है। एक साथ चुनाव होने पर यह प्रक्रिया कमजोर पड़ने की आशंका है।
उन्होंने रामनाथ कोविंद समिति की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ को लेकर संसदीय प्रक्रिया अभी जारी है और संयुक्त संसदीय समिति में भी इस पर चर्चा हो रही है। ऐसे में इस मुद्दे पर देश में व्यापक बहस की जरूरत है।
महंगाई और किसानों के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा
प्रेस वार्ता के दौरान आलोक शर्मा ने किसानों की समस्याओं और कानून व्यवस्था को लेकर भी बीजेपी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने पेट्रोल, गैस सिलेंडर और आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को लेकर सरकार से जवाब मांगा।
उन्होंने कहा कि सरकार को चुनावी नारों के बजाय जनता की रोजमर्रा की समस्याओं पर जवाब देना चाहिए।
मंदिरों से जुड़े आरोपों पर भी जवाब मांगने की बात
आलोक शर्मा ने उत्तराखंड के बदरी-केदार मंदिर से जुड़े कथित चंदा चोरी के आरोप, अंकिता भंडारी मामले और अयोध्या राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा अनियमितता के आरोपों का भी जिक्र किया। उन्होंने सरकार से इन मामलों पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की।
कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि बीजेपी साधु-संतों को राजनीतिक मंच का हिस्सा बनाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इन मुद्दों पर चुप नहीं बैठेगी और संत समाज के साथ-साथ जनता के सवालों को भी सरकार के सामने उठाती रहेगी।
