हॉकी विश्व कप से भारत बाहर, पीआर श्रीजेश ने उठाए जवाबदेही पर सवाल; बोले- ‘वर्ल्ड कप कोई रिहर्सल नहीं’
हॉकी विश्व कप से भारत बाहर, पीआर श्रीजेश ने उठाए जवाबदेही पर सवाल; बोले- ‘वर्ल्ड कप कोई रिहर्सल नहीं’
नई दिल्ली: भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमें हॉकी विश्व कप 2026 के दूसरे दौर से बाहर हो गई हैं। पुरुष टीम को दूसरे दौर में नीदरलैंड और अर्जेंटीना के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। इसके साथ ही भारतीय पुरुष हॉकी टीम का 1975 के बाद विश्व कप में पदक जीतने का इंतजार और लंबा हो गया।
भारत के विश्व कप अभियान के निराशाजनक अंत के बाद पूर्व गोलकीपर और ओलंपिक पदक विजेता पीआर श्रीजेश ने सोशल मीडिया पर भारतीय हॉकी की कार्यप्रणाली और टीम की तैयारियों को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।
‘वर्ल्ड कप से कोई फर्क नहीं पड़ता…’
श्रीजेश ने अपनी पोस्ट में भारतीय हॉकी में जवाबदेही को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि हर असफलता के बाद अगले टूर्नामेंट का हवाला देकर मौजूदा कमियों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने तंज करते हुए कहा कि अब एशियन गेम्स में पदक जीतने के बाद लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 के सपने देखने की बात की जाएगी और शायद इससे विश्व कप में हुई गलतियों को भी ढकने की कोशिश होगी।
महिला टीम की तैयारी पर भी उठाए सवाल
श्रीजेश ने महिला टीम की तैयारियों का जिक्र करते हुए कहा कि विश्व कप से ठीक पहले टीम की मुख्य कोच छुट्टी पर थीं। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद खिलाड़ियों ने पूरी मेहनत से मुकाबला किया और उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश की।
उन्होंने सवाल किया कि खिलाड़ियों को उनके प्रयासों का श्रेय जरूर मिलना चाहिए, लेकिन जिम्मेदारी किसकी तय होगी? श्रीजेश ने पूछा कि अगर टूर्नामेंट की तैयारी के आखिरी चरण में मुख्य कोच टीम के साथ नहीं हैं, तो क्या टीम से अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की उम्मीद करना उचित है?
‘क्या हम अच्छी हॉकी खेलने वाली टीम बना रहे हैं?’
पुरुष टीम के प्रदर्शन को लेकर भी श्रीजेश ने सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि शीर्ष टीम से हार को ‘सीखने का अनुभव’ बताया जाता है और किसी एशियाई टीम के खिलाफ जीत को शानदार प्रदर्शन कहा जाता है।
लेकिन उनके मुताबिक असली सवाल यह है कि भारत ऐसी टीम तैयार कर रहा है जो सिर्फ अच्छी हॉकी खेले या ऐसी टीम जो दुनिया की शीर्ष टीमों को हराने में सक्षम हो।
श्रीजेश ने कहा कि सीखने, अच्छे प्रदर्शन और अगले टूर्नामेंट के नाम पर मौजूदा विश्व कप की कमियों को छिपाना बंद करना चाहिए।
‘वर्ल्ड कप कोई रिहर्सल नहीं है’
पूर्व भारतीय गोलकीपर ने सबसे तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि विश्व कप कोई रिहर्सल नहीं है। यह विश्व कप है।
उन्होंने जवाबदेही को लेकर कई सवाल खड़े किए और पूछा कि मुश्किल सवाल कौन पूछेगा, जिम्मेदारी कौन तय करेगा और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि क्या वास्तव में किसी को इसकी परवाह है?
श्रीजेश की टिप्पणी ने भारतीय हॉकी में टीम की तैयारी, कोचिंग व्यवस्था और प्रदर्शन के बाद जवाबदेही को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है।
