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अमेरिका-कनाडा व्यापार युद्ध तेज, कार्नी का पलटवार—अब ‘लक्षित टैरिफ’ की तैयारी

अमेरिका-कनाडा व्यापार युद्ध तेज, कार्नी का पलटवार—अब ‘लक्षित टैरिफ’ की तैयारी

अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापारिक तनाव अब और बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई टैरिफ धमकियों के बाद कनाडा मंगलवार को अमेरिका के खिलाफ जवाबी टैरिफ का ऐलान करने की तैयारी में है। दोनों देशों के बीच बातचीत विफल होने के बाद बयानबाजी भी लगातार तीखी होती जा रही है।

कार्नी ने ट्रंप की शर्तें ठुकराईं

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने साफ कहा है कि उनका देश ऐसा कोई समझौता स्वीकार नहीं करेगा जिसमें कनाडा को अमेरिका की अधीनस्थ इकाई की तरह व्यवहार करना पड़े।

कार्नी के मुताबिक, अमेरिका के प्रस्तावित कदम कनाडा के ऑटोमोबाइल, स्टील और एल्युमीनियम उद्योगों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यदि अमेरिका अपने रुख में बदलाव करता है और कनाडा के उद्योगों को बराबरी के साझेदार के रूप में देखता है, तो कनाडा बातचीत के लिए तैयार है।

डॉलर-फॉर-डॉलर जवाब नहीं देगा कनाडा

कनाडा इस बार अमेरिकी टैरिफ का हर डॉलर के बदले एक डॉलर का जवाब देने के बजाय लक्षित जवाबी शुल्क लगाने पर विचार कर रहा है।

इस रणनीति का मकसद अमेरिकी टैरिफ का जवाब देना तो है, लेकिन कनाडाई कंपनियों और कर्मचारियों पर पड़ने वाले नुकसान को यथासंभव सीमित रखना है।

कनाडाई वित्त मंत्री फ्रांस्वा-फिलिप शैंपेन भी प्रभावित कारोबारों और कर्मचारियों के लिए सरकारी सहायता उपायों की घोषणा कर सकते हैं।

ट्रंप ने दी और कड़े टैरिफ की चेतावनी

ट्रंप ने कनाडा को अमेरिकी मांगों के अनुरूप आने की चेतावनी देते हुए कहा है कि ऐसा नहीं होने पर उसे मौजूदा टैरिफ से भी कहीं ज्यादा गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।

उन्होंने कनाडा से आने वाली कारों, ऑटो पार्ट्स और स्टील पर 50 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने की धमकी दी है। प्रस्तावित नए शुल्क अगले साल 1 जनवरी से लागू किए जाने की बात कही गई है।

कनाडा में जवाबी कार्रवाई के सुझाव

कनाडा के पूर्व प्रधानमंत्री जीन क्रेतियन ने सरकार से अमेरिका पर ज्यादा असर डालने वाले क्षेत्रों में जवाबी कार्रवाई करने की अपील की है। उन्होंने ऊर्जा, तेल, प्राकृतिक गैस और पोटाश जैसे उत्पादों पर निर्यात कर लगाने का सुझाव दिया।

उनका तर्क है कि ऐसे कदमों का कुछ आर्थिक बोझ अमेरिकी खरीदारों पर डाला जा सकता है।

वहीं, ओंटारियो के प्रीमियर डग फोर्ड ने कहा है कि कनाडा को उपलब्ध सभी जवाबी विकल्पों के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका को बिजली और महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति भी दबाव के साधन के रूप में इस्तेमाल की जा सकती है।

ऑटो उद्योग पर सबसे बड़ा खतरा

इस विवाद की सबसे बड़ी चिंता दोनों देशों की गहरी जुड़ी हुई ऑटोमोबाइल सप्लाई चेन है। कारों और उनके पुर्जों का उत्पादन अक्सर अमेरिका और कनाडा की सीमाओं के दोनों तरफ फैला हुआ है।

इसलिए लंबे समय तक चलने वाला टैरिफ विवाद केवल सरकारों के बीच व्यापारिक संघर्ष नहीं रहेगा। इससे उत्पादन लागत, कंपनियों के खर्च, श्रमिकों और अंततः उपभोक्ताओं के लिए कीमतें बढ़ सकती हैं।

अमेरिका द्वारा कनाडाई सामान पर नए टैरिफ और कनाडा के संभावित जवाबी शुल्कों के बीच अब मुख्य सवाल यह है कि दोनों देश आखिरकार बातचीत की मेज पर लौटते हैं या व्यापारिक टकराव और गहरा होता है।

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