उत्तराखंड

चमोली टनल हादसे की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश, 15 दिन में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश

चमोली टनल हादसे की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश, 15 दिन में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश

चमोली: उत्तराखंड के चमोली जिले के हाट (पीपलकोटी) क्षेत्र में 13 अगस्त 2026 को टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में हुए हादसे के मामले में जिलाधिकारी ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। हादसे के दौरान टनल में अचानक भारी जल प्रवाह और मलबा आने से निर्माणाधीन हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। घटना के समय टनल के अंदर 22 श्रमिक काम कर रहे थे।

जिलाधिकारी ने परगना मजिस्ट्रेट/उप जिलाधिकारी चमोली को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। उन्हें दुर्घटना के कारणों, जिम्मेदार परिस्थितियों और संभावित लापरवाही समेत सभी पहलुओं की विस्तृत जांच कर 15 दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

सुरक्षा मानकों की भी होगी जांच

मजिस्ट्रियल जांच के दौरान टनल में मौजूद सुरक्षा व्यवस्थाओं और निर्माण कार्य के दौरान अपनाए जा रहे सुरक्षा मानकों का भी परीक्षण किया जाएगा। इसके अलावा हादसे के वास्तविक कारणों की जांच के साथ यह भी देखा जाएगा कि कहीं सुरक्षा व्यवस्था में कोई कमी या लापरवाही तो नहीं हुई।

जांच रिपोर्ट में भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक सुरक्षा उपायों और सुझावों को भी शामिल किया जाएगा। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को जांच अधिकारी को आवश्यक सहयोग और सभी जरूरी अभिलेख उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

तमक नाले में हुए हादसे की भी होगी जांच

चमोली के तमक नाले में अतिवृष्टि के बाद हुए हादसे को लेकर भी मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए गए हैं। तहसीलदार ज्योतिर्मठ की रिपोर्ट के अनुसार, भारी बारिश के कारण तमक नाले में अचानक बड़ी मात्रा में पानी और मलबा आ गया। इससे नाले पर बना पुल/मार्ग प्रभावित हुआ और आवागमन बाधित हो गया।

निरीक्षण के दौरान पाया गया कि मलबे और तेज पानी के बहाव की वजह से राष्ट्रीय राजमार्ग-107 पर तीन वाहन प्रभावित हुए। इनमें सीमा सड़क संगठन की 123 इकाई के दो वाहन शामिल हैं। इसके अलावा एक पिकअप/लोडर वाहन तेज बहाव में बह गया।

इस मामले में परगना मजिस्ट्रेट/उप जिलाधिकारी ज्योतिर्मठ को जांच अधिकारी बनाया गया है। जांच में दुर्घटना के कारणों, पूरे घटनाक्रम, प्रभावित वाहनों और लापता व्यक्ति से जुड़े सभी तथ्यों की पड़ताल की जाएगी। रिपोर्ट में भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए सुरक्षा उपाय भी सुझाए जाएंगे। जांच अधिकारी को 15 दिन के भीतर रिपोर्ट देने के निर्देश हैं।

मृत श्रमिकों के परिवारों के लिए मुआवजे की मांग

इधर, पीपलकोटी की टीएचडीसी निर्माणाधीन टनल में हुए हादसे के बाद मृत श्रमिकों के परिवारों के लिए उचित मुआवजे की मांग भी तेज हो गई है।

ऑल इंडिया फेडरेशन के महासचिव सोहन कुमार के नेतृत्व में एचसीसी मायापुर के श्रमिकों ने मृत श्रमिकों के आश्रितों को सम्मानजनक मुआवजा देने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। पूर्व प्रधान हाट राजेंद्र हटवाल भी प्रदर्शन में शामिल रहे।

श्रमिकों ने एचसीसी कार्यालय से टीएचडीसी गेट तक रैली निकाली और प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि हादसे में जान गंवाने वाले श्रमिक अपने परिवारों के प्रमुख कमाने वाले सदस्य थे। ऐसे में उनकी मौत के बाद परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

श्रमिकों ने प्रबंधन से मृतकों के आश्रितों को उचित और सम्मानजनक मुआवजा देने तथा प्रभावित परिवारों के हित में ठोस कदम उठाने की मांग की है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *